नई दिल्ली। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड ऑफिस में पहुंचे। इसे लेकर विवाद शुरू हो गया है। उद्धव ठाकरे की शिव सेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पर सवाल उठाया है। उन्होंने इसे भारत के मामले में अमेरिकी हस्तक्षेप की तरह बताया। जानकारों का कहना है कि किसी दूसरे देश के प्रतिनिधि का सेना के कमांड ऑफिस में जाना असामान्य है लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले 2001 से 2003 तक भारत में अमेरिका के राजदूत रहे रॉबर्ट ब्लैकविल भी सेना की दो कोर के मुख्यालय गए थे।
बहरहाल, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की इस यात्रा को लेकर अमेरिकी दूतावास की ओर से कहा गया कि वे हिंद प्रशांत कमांड के अमेरिकी कमांडर सैमुअल पपारो के साथ गए थे। दूसरी ओर सर्जियो गोर की इस यात्रा को लेकर प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘अब भारत के राष्ट्रीय रणनीतिक हित काफी हद तक इस बात से जुड़े दिख रहे हैं कि अमेरिका भारत से क्या चाहता है। इसलिए यह दौरा भी उसी से जुड़ता दिख रहा है’।
उन्होंने आगे लिखा, ‘इतिहास याद रखेगा कि भारत-पाक तनाव कम होने की घोषणा भारतीयों को पहले अपनी सरकार से नहीं, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति के सोशल मीडिया से पता चली। अमेरिकी राजदूत तो अपने देश के हित के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन हमारे हित के लिए कौन काम कर रहा है? इस सवाल का जवाब साफ नहीं है’।
