भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी(भाकपा) के राज्यसभा सदस्य पी. संदोष कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
श्री संदोष कुमार ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और इन आरोपों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदाता जोड़ने-हटाने और फॉर्म-6 और मतदाता सूची के आंकड़ों से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 मौकों पर आपत्तियां दर्ज की हैं। उन्होंने कहा कि मसौदा मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने की रिपोर्ट इन सवालों को और गंभीर बनाती है।
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उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके फैसलों में सभी चुनाव आयुक्तों की संस्थागत भूमिका और स्वतंत्रता सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया की समीक्षा, गलत तरीके से बाहर किये गये पात्र मतदाताओं को नाम बहाल कराने का वास्तविक अवसर देने और मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में जवाबदेही तय करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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