नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत एक बार फिर एक सौ डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। बुधवार, नौ सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में 2.25 फीसदी का इजाफा हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच फिर तनाव बढ़ने और दोनों ओर से हमले तेज होने की वजह से कीमतों में इजाफा हुआ है। इस बढ़ोतरी के पहले कच्चे तेल की कीमत 98 बैरल प्रति डॉलर थी।
गौरतलब है कि इससे पहले 24 जुलाई को कच्चे तेल का दाम एक सौ बैरल प्रति डॉलर पहुंचा था। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम की 60 दिन की अवधि पिछले महीने खत्म हो गई थी। उसके बाद अचानक फिर से अमेरिका ने ईरान पर हमला शुरू कर दिया। उधर ईरान समर्थित यमन के हूती सऊदी अरब पर हमला कर रहे हैं। हूतियों के हमले में सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल कंपनी आरामको के तेल संयंत्र को बड़ा नुकसान हुआ है। पश्चिम एशिया में युद्ध का दायरा बढ़ने से कीमतें बढ़ रही हैं।
बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने मंगलवार देर रात बयान जारी कर बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के पांच तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया। अमेरिका का दावा है कि उसने यह कार्रवाई ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी की ओर से अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर बैलिस्टिक मिसाइल से किए गए हमले के जवाब में की है। तनाव बढ़ने से होर्मुज की खाड़ी खुलने की संभावना खत्म हो गई है। इससे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
