उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के कोखराज टोल प्लाजा पर पिछले हफ्ते एलपीजी टैंकर में लगी आग में दो टोल कर्मियों की इलाज के दौरान मौत के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
कोखराज टोल प्लाजा प्रबंधक अनूप कुमार पांडे ने बताया कि रायबरेली निवासी हीरामणि सिंह (29) और मध्य प्रदेश के सीधी निवासी कृष्ण पाल मौर्य (23) की बृहस्पतिवार को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में मौत हो गई।
दुर्घटना 26 जून को सुबह सात बजे के आसपास हुई जब एक एलपीजी टैंकर कोखराज पुलिस स्टेशन क्षेत्र के तहत कोखराज टोल प्लाजा पर एक दीवार से टकरा गया, जिससे बड़े पैमाने पर गैस रिसाव हुआ और उसके बाद विनाशकारी आग लग गई, जिससे टोल प्लाजा जलकर राख हो गया।
घटना का सीसीटीवी फुटेज अब सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि गैस से भरा टैंकर टोल प्लाजा के पास पहुंचा और वह वहां से निकल पाता, उससे गैस का रिसाव शुरू हो गया और सफेद धुआं तेजी से पूरे क्षेत्र में फैल गया।
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इस दौरान अन्य वाहन दोनों दिशाओं में टोल बैरियर से गुजर रहे थे, तो अचानक आग की लपटें उठने लगीं, जिसने कुछ ही क्षणों में टैंकर और आसपास के टोल बूथों को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे वाले दिन टैंकर चालक धर्मेंद्र दुबे (40) और टोल कर्मचारी आलोक सिंह (26) की मौत हो गई। दुबे की वाहन के केबिन के अंदर जलकर मौत हो गई, जबकि आलोक ने एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
हादसे में झुलसे प्रयागराज के हंडिया निवासी राहगीर अनिल कुमार (29) की भी एक जुलाई को इलाज के दौरान मौत हो गई।
पांडे ने कहा कि हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों में से केवल अतुल मिश्रा नामक व्यक्ति जीवित बचा है जिसका रीवा के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।
उन्होंने कहा कि आग से टोल कर्मचारियों की 16 मोटरसाइकिलें और दो कारें भी नष्ट हो गईं और टोल प्लाजा के बुनियादी ढांचे के जल जाने से 3-4 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ।
टोल प्लाजा के अधिकारियों ने दावा किया कि मृतकों के परिवारों के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से वित्तीय मुआवजे का कोई आश्वासन नहीं मिला है, और प्राधिकरण का कोई भी अधिकारी संवेदना व्यक्त करने के लिए उनसे मिलने नहीं आया है।
Pic Credit : ANI
