नई दिल्ली। दिवाली से एक दिन पहले रविवार को दिल्ली में में हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गई और ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रैप के दूसरे चऱण की पाबंदियां लागू कर दी गईं। सोमवार को दिवाली के दिन ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दे दी गई है लेकिन यह आग से खेलने जैसा है। जब हर तरह के पटाखों पर पाबंदी थी तब भी दिवाली के अगले दिन हवा की गुणवत्ता बहुत खराब हो जाती थी। इस बार इसके ‘खतरनाक’ श्रेणी में पहुंच जाने की आशंका है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत आने वाली एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम यानी ईडब्लुएस ने आशंका जताई है कि 21 अक्टूबर को यानी दिवाली के अगले दिन दिल्ली में प्रदूषण ‘खतरनाक’ स्तर पर पहुंच सकता है। उसके मुताबिक 21 के बाद छह दिनों तक यर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई ‘खराब’ से ‘खतरनाक’ के बीच रह सकता है। माना जा रहा है कि इस बार पंजाब में बाढ़ की वजह से फसलों की कटाई में देरी हो रही है, जिससे पराली जलाए जाने का असर कुछ देर से दिल्ली में महसूस होगा।
बहरहाल, दिवाली से पहले ही दिल्ली की हवा जहरीली हो गई है और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए रविवार को दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रैप के दूसरे चरण की पाबंदियां लागू कर दी गईं। ग्रैप के दूसरे चरण में डीजल जनरेटर चलने पर रोक लगेगी। इसके अलावा निजी गाड़ियों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग फीस बढ़ाई जाएगी। साथ ही सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों के साथ मेट्रो की सर्विस को बढ़ाया जाएगा। कूड़ा, लकड़ी या कोयला आदि जलाने पर पूरी पाबंदी होगी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी सीपीसीबी के मुताबिक, रविवार की सुबह सात बजे तक दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 273 अंक दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों जैसे इंडिया गेट, कर्तव्य पथ, लाल किला और कनॉट प्लेस में हवा की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर है। सीपीसीबी के मुताबिक दिल्ली के नौ इलाकों में एक्यूआई तीन से चार सौ के बीच दर्ज किया गया, जो वायु गुणवत्ता के ‘गंभीर’ श्रेणी में जाने का संकेत है। दिल्ली सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड स्थिति पर नजर रखे हुए हैं लेकिन माना जा रहा है कि दिवाली के अगले दिन यानी मंगलवार को एक्यूआई ‘खतरनाक’ श्रेणी में पहुंच सकता है।
