नई दिल्ली। दिवाली से पहले ही राजधानी दिल्ली गैस चैम्बर में तब्दील होती दिख रही है। सोमवार की शाम को राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 400 की सीमा पार कर गई है। इससे पहले ही सुबह में जब एक्यूआई 324 हुआ तभी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रैप का दूसरा चरण लागू कर दिया गया। इसमें पहले चरण के साथ साथ कुछ और पाबंदियां लगाई गई हैं। एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन यानी सीएक्यूएम ने हवा की गुणवत्ता इस सीजन में सबसे खराब स्तर पर पहुंचने के बाद ग्रैप दो लगाने का फैसला किया।
ग्रैप के दूसरे चरण की पाबंदियां लगाने के साथ ही लोगों से निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने और सार्वजनिक परिवहन या कारपूलिंग अपनाने को कहा गया है। इसके साथ ही लोगों से धूल और धुआं पैदा करने वाली निर्माण गतिविधियों से बचने की अपील भी की गई है। जिन लोगों का काम अनुमति देता है, उन्हें घर से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
इससे पहले कहा गया था कि एक नवंबर से विंटर प्लान लागू है, जिसके तहत दिल्ली व एनसीआर में हर निजी व सरकारी कंपनी को अनिवार्य रूप से 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम के लिए कहना होगा। लेकिन इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है। क्योंकि अगर विंटर प्लान अनिवार्य रूप से लागू है तो फिर अलग से अपील करने की क्या जरुरत है? अब यह भी कहा जा रहा है कि कर्मचारियों के काम के समय में बदलाव किया जाएगा।
बहरहाल, सोमवार की सुबह दिल्ली में एक्यूआई 324 दर्ज किया गया। यह बहुत खराब श्रेणी में है। लेकिन दोपहर होते होते पूरी दिल्ली में धूल और धुएं की परत आसमान पर छा गया। शाम चार बजे जहांगीरपुरी स्टेशन पर एक्यूआई 436 दर्ज किया गया। यह खतरनाक श्रेणी है। कहा जा रहा है कि मौसम की स्थिति तेजी से बिगड़ने के कारण हवा की गुणवत्ता खराब हुई। सीएक्यूएम की अप समिति की सोमवार को हुई बैठक में बताया गया कि 72 घंटे में दिल्ली का एक्यूआई बहुत तेजी से गिरा है।
