लखनऊ। लंबे समय से जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अभी तक वे उत्तर प्रदेश के अलग अलग थानों में दर्ज आपराधिक मामलों में सजा काट रहे थे लेकिन अब उनके यहां केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी पहुंच गई है। ईडी ने नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े 10 ठिकानों पर बुधवार सुबह छापा मारा। यूनिवर्सिटी में पढ़ाई चल रही थी और उसी बीच ईडी की कार्रवाई भी चलती रही।
रामपुर के अलावा सहारनपुर और दिल्ली में भी ईडी ने कई जगह छापा मारा। सहारनपुर में चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक गुप्ता के ऑफिस और घर पर भी छापा मारा गया। सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने धनशोधन रोकथाम कानून यानी पीएमएलए के तहत कार्रवाई की है। आरोप है कि सरकारी ठेकों में कमीशन लिया गया और उससे मिले पैसों को कथित तौर पर जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट तक पहुंचाया गया।
यह भी आरोप है कि इन पैसों का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी की संपत्तियां बनाने और दूसरे कामों में किया गया। अब एजेंसी यह पता लगा रही कि सरकारी ठेकों का पैसा किन लोगों और कंपनियों के जरिए ट्रस्ट या यूनिवर्सिटी तक पहुंचा। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से जौहर यूनिवर्सिटी चर्चा में है। 15 जुलाई को रामपुर के कलेक्टर ने यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को ढहाने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बिना नक्शा पास कराए इमारतों का निर्माण कराया। हालांकि, मुरादाबाद के कमिश्नर आन्जनेय सिंह के कोर्ट ने रामपुर डीएम के आदेश पर रोक लगा दी थी।
इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने छापेमारी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, एक्सप्रेसवे, पुल, सड़क, टंकी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में कथित भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दे गिनाए और सरकार से सवाल किया कि इन मामलों में ईडी की कार्रवाई क्यों नहीं होती। गौरतलब है कि थोड़े दिन पहले ही अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव ने रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात की थी और कहा था कि सपा की सरकार बनी तो उनको गृह मंत्री बनाया जाएगा।
