देहरादून। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक रैली के बाद एक हिंदू समूह द्वारा रैली की जगह के शुद्धिकरण के मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई है। घटना अगस्त के महीने की है लेकिन अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। उलटे यह मुद्दा उठाने के लिए एससी एक्ट में राहुल गांधी के ऊपर एफआईआर दर्ज हो गई थी। कांग्रेस लगातार मांग कर रही थी मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान हुआ है और एससी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
बहरहाल, अब इस मामले में पुलिस ने एडवोकेट अंजू की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अंजू का आरोप है कि सोशल मीडिया पर एडिटेड वीडियो प्रसारित कर ‘अल्लाह हू अकबर’ जैसे भ्रामक शब्द जोड़े गए और एक खास धर्म व जाति को टारगेट करने की कोशिश की गई। पुलिस ने उनकी शिकायत पर भारतीय न्याय संहित यानी बीएनएस की धारा 196 और 299 और साथ ही एससी, एसटी एक्ट एक्ट की धारा 3(1)(आर) के तहत केस दर्ज किया है।
एफआईआर दर्ज करने के बाद मामले की जांच क्राइम ब्रांच के एसपी डॉ. जगदीश चंद्र को सौंपी गई है। इस बारे में एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे नामजदगी की जाएगी। एडवोकेट अंजू ने कहा है कि उन्होंने किसी व्यक्ति, जाति या धर्म के खिलाफ अपमानजनक, भ्रामक या नफरत फैलाने वाली सामग्री की शिकायत नहीं की है।
उनका कहना है कि शुद्धिकरण का मामला गंभीर था और इसके बाद सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो एडिट करके डाले गए। अंजू ने कहा कि सोशल मीडिया पर एडिट किए गए वीडियो के जरिए ऐसी सामग्री प्रसारित की गई, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने और लोगों के बीच सामाजिक मतभेद पैदा होने की स्थिति बनी। उनके मुताबिक, वीडियो में ‘अल्लाह हू अकबर’ जैसे भ्रामक शब्द जोड़कर प्रसारित किए गए।
