नई दिल्ली। विजयादशमी के दिन हुई आतिशबाजी के अगले दिन बुधवार, 21 अक्टूबर से राजधानी दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण रोकने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई खराब श्रेणी में पहुंचने की वजह से यह फैसला किया गया है। दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि ग्रैप के पहला चरण लागू किया जा रहा है। सरकार की इस घोषणा के बाद दिल्ली मेट्रो ने अपने फेरे बढ़ाने का ऐलान किया।
ग्रैप का पहला चरण लागू होने के साथ ही दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई तरह के प्रतिबंध और दिशा निर्देश प्रभावी हो गए हैं। सिरसा ने इसकी जानकारी देते हुए बुधवार को कहा, ‘हमने प्रदूषण से निपटने के लिए शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म, दोनों तरह के उपाय अपनाए हैं। हमारी कोशिशों में जनता की भागीदारी ने अहम भूमिका निभाई है। हम प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार के साथ मिलकर काम करते हुए एक्शन प्लान लागू कर रहे हैं’। दिल्ली सरकार ने एक नवंबर से ज्यादा सख्त पाबंदियां लागू करने का ऐलान किया है। उस दिन से सभी सरकारी व निजी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारियों के वर्क फ्रॉम होम का नियम लागू होगा।
बहरहाल, ग्रैप एक की पाबंदियां लागू होने के बाद होटल, रेस्तरां और खाने पीने के खुले ढाबों में कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी। यानी तंदूर पर बैन होगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को केवल एलपीजी, बिजली या अन्य स्वच्छ ईंधन उपकरणों का ही इस्तेमाल करने की इजाजत होगी। इसके अलावा बिजली आपूर्ति के लिए डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। केवल आपातकालीन स्थिति में इसका उपयोग किया जा सकेगा।
