नई दिल्ली। ईरान में चल रही जंग का बड़ा असर भारत में दिखने लगा है। ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की वजह से सबसे पहले रसोई गैस और विमानों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन पर असर हुआ है। देश के कई राज्यों में रसोई गैस की आपूर्ति में दिक्कत होने लगी है। कीमत बढ़ने और रसोई गैस बुकिंग के नए नियम लागू होने के बाद भी लोगों को परेशानी का सामना करन पड़ रहा है। कई राज्यों में होटल और रेस्तरां बंद होने लगे हैं। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी आदि शहरों में बुकिंग के पांच दिन बाद तक रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
एलपीजी की कमी के कारण दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस की सप्लाई पर रोक लगा दी गई है। गैस सप्लाई बंद होने की वजह से कई शहरों में होटल और रेस्तरां बंद होने की नौबत आ गई है। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम मार्केटिंग की तीन कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है, जो एलपीजी की दिक्कतों को समझने के लिए रेस्तरां एसोसिएशनों से बात करेगी।
इस बीच केंद्र सरकार ने गैस सहित जरूरी चीजों की जमाखोरी रोकने लिए देश भर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 यानी एस्मा लागू कर दिया है। इसके तहत गैस की कालाबाजारी रोकने के उपाय हो रहे हैं और गैस आपूर्ति को नियंत्रित किया जा रहा है। सरकार चार श्रेणी बना कर गैस आपूर्ति सुनिश्चित कराएगी। पहली श्रेणी में रसोई गैस और गाड़ियों की सीएनजी है, जिनको सौ फीसदी आवंटन होगा।
इसके बाद की तीन श्रेणियों में खाद कारखानों के लिए 70 फीसदी का आवंटन होगा लेकिन उन्हें बताना होगा कि वे खाद बनाने के लिए ही इस गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं। तीसरी श्रेणी में कुछ अन्य उद्योग होंगे, जिन्हें 80 फीसदी तक गैस आपूर्ति होगी। चौथी और आखिरी श्रेणी में छोटे बिजनेस और होटल व रेस्तरां आते हैं। इस सेगमेंट में भी 80 फीसदी गैस आपूर्ति होगी।
पिछले दिनों कॉमर्शियल सिलेंडरों की कीमत में एक सौ रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई लेकिन इसकी आपूर्ति पर अघोषित रोक लग गई है। इससे होटल, रेस्तरां और ढाबा चलाने वालों को बड़ी मुश्किल हो रही है। महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे और नागपुर में कॉमर्शियल गैस की भारी कटौती की गई है। पुणे में तो हालात इतने खराब हैं कि नगर निगम ने गैस शवदाह गृह अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। राज्य के करीब 10 हजार रेस्तरां और बार पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। मुंबई में कॉमर्शियल गैस सप्लाई की किल्लत की वजह से अब तक करीब 20 फीसदी होटल और रेस्तरां बंद हो चुके हैं। होटल एसोसिएशन ‘आहार’ ने चेतावनी दी है कि सप्लाई नहीं सुधरी, तो अगले दो दिनों में 50 फीसदी होटलों पर ताले लग सकते हैं।
मध्य प्रदेश में होटल संचालकों का कहना है कि कीमत बढ़ने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है। शादियों का सीजन होने की वजह से इसका असर ज्यादा दिख रहा है। यही हाल राजस्थान का है। वहां भी हर तरह के होटल, रेस्तरां, मैरिज गार्डन और अन्य उद्योगों से जुड़े लोगों को बड़ी परेशानी हो रही है। उधर बेंगलुरु होटल एसोसिएशन का कहना है कि अगर सप्लाई बहाल नहीं हुई होटल बंद करने पड़ेंगे।
