नई दिल्ली। भारत में नौसेनिक अभ्यास से लौट रहे ईरान के एक जहाज को अमेरिकी पनडुब्बी से मार कर समुद्र में डुबा दिए जाने की घटना के बाद अब खबर आई है कि भारत ने ईरान के एक दूसरे जहाज को अपने यहां रूकने की जगह दी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत ने मानवीय आधार पर इस ईरानी नौसैनिक जहाज को कोच्चि बंदरगाह पर आने की इजाजत दी है।
राजधानी में रायसीना डायलॉग के दौरान जयशंकर ने कहा कि ईरान की ओर से भारत को संदेश मिला था कि उनका एक जहाज तकनीकी दिक्कत का सामना कर रहा है और उसे बंदरगाह पर आने की जरूरत है। इसके बाद एक मार्च को भारत ने जहाज को आने की इजाजत दी और कुछ दिन बाद वह कोच्चि बंदरगाह पर पहुंच गया। इससे पहले ईरानी जहाज ‘आईआरआईएस डेना’ नाम का ईरानी युद्धपोत श्रीलंका के तट के पास हिंद महासागर में डूब गया था। इसे एक अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से निशाना बनाया था। इस घटना में कम से कम 87 नाविकों के शव बरामद हुए, जबकि 32 लोगों को जिंदा बचा लिया गया। कई नाविक अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
