देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके विशेष कार्य अधिकारी यानी ओएसडी रहे चंदन सिंह जीना के यहां प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की छापेमारी के बाद रावत भी कठघरे में हैं। इस बीच उन्होंने शनिवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने पेशकश की। गौरतलब है कि पांच महीने बाद फरवरी में उत्तराखंड में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं।
बहरहाल, सभी पद छोड़ने की पेशकश करते हुए रावत ने सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट लिखी है। रावत फिलहाल कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं। उन्होंने लिखा है, ‘कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। ऐसे समय में मेरे किसी मामले से अगर पार्टी के संघर्ष को नुकसान पहुंचता है तो मैं ऐसा नहीं चाहूंगा। इसलिए मैं पार्टी में मिली दोनों जिम्मेदारियों से हटना चाहता हूं’।
गौरतलब है कि 10 सितंबर को रावत के पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के घर प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा था। इसमें 1.28 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की गई थीं। जीना फिलहाल रावत के निजी सचिव हैं। रावत ने कहा, ‘मैं इस समय किसी सरकारी पद पर नहीं हूं, इसलिए वहां से इस्तीफा देने का सवाल नहीं है’। चंदन सिंह जीना को लेकर रावत ने कहा, ‘वे मेरे ओएसडी रह चुके हैं। मेरे मुख्यमंत्री रहने के दौरान पार्टी और सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते थे। मौजूदा आरोपों पर उन्होंने कहा कि फिलहाल मुझे विश्वास नहीं है और जांच पूरी होने के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे’।
