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घर, गाड़ी की ईएमआई महंगी हुई

Mumbai (Maharashtra), Feb 07 (ANI): CCTV cameras are seen installed above the logo of Reserve Bank of India (RBI) inside its headquarters in Mumbai, Maharashtra on Thursday. (ANI/REUTERS Photo)

मुंबई। लंबे अरसे के बाद भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति यानी एमपीसी की दोमासिक बैठक के बाद बुधवार को गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट में बढ़ोतरी का ऐलान किया। आरबीआई ने करीब साढ़े तीन साल के बाद रेपो रेट में बढ़ोतरी की है। इसे 5.25 से बढ़ा कर 5.50 फीसदी कर दिया गया है। बढ़ती हुई महंगाई के कारण आरबीआई को यह फैसला करना पड़ा है।

आरबीआई के इस फैसले के बाद बैंकों से कर्ज लेना महंगा होगा और पहले से लिए गए कर्ज की ईएमआई भी महंगी हो जाएगी। देश में महंगाई दर बढ़ने की वजह से आरबीआई को फरवरी 2023 के बाद यानी करीब साढ़े तीन साल बाद रेपो रेट बढ़ाना पड़ा है। रेपो रेट वो ब्याज दर है जिस पर कॉमर्शियल बैंक भारतीय रिजर्व बैंक से कर्ज लेता है। अगर आरबीआई ज्यादा ब्याज दर पर कर्ज देगा तो बैंक भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेंगे।

ब्याज दर में बढ़ोतरी का असर विकास दर पड़ेगा क्योंकि इससे बाजार में मांग घटती है। मांग कम होने से आपूर्ति स्थिर होगा यानी बाजार में वस्तुओं की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे महंगाई दर कम होगी। रिजर्व बैंक ने दोमासिक बैठक के बाद महंगाई दर का अनुमान भी बढ़ाया है। अब 2026-27 में महंगाई दर 5.2 फीसदी रहने का अनुमान है, जो पहले पांच फीसदी था। ध्यान रहे रिजर्व बैंक ने महंगाई की औसत दर चार फीसदी तय की है। इसे दो से छह फीसदी के बीच रखने का लक्ष्य तय किया गया है।

बहरहाल, रेपो रेट बढ़ने के बाद भी अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर है। रिजर्व बैंक ने 2026-27 के लिए जीडीपी की विकास दर का अनुमान 6.7 से बढ़ा कर 7.1 फीसदी कर दिया है। इसमें दूसरी तिमाही की विकास दर 7.2 और तीसरी तिमाही की विकास दर 6.9 फीसदी रहने की उम्मीद है। चौथी तिमाही का अनुमान 6.8 फीसदी पर बरकरार रखा गया है।

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