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होटल में आग, 21 की मौत

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में नियमों का उल्लंघन करके बनाए गए एक होटल में बुधवार की सुबह आग लग गई, जिसमें 10 विदेशी नागरिकों सहित 21 लोगों की जल कर मौत हो गई। पिछले छह महीने में राजधानी दिल्ली में आग लगने की घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना से तीन दिन पहले ही दक्षिण दिल्ली के इलाके में एक इमारत गिरने से उसके नीचे दब कर छह लोगों की मौत हो गई।

बहरहाल, आग लगने की घटना दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर की है, जहां एक रेस्तरां के ऊपर फ्लरिश स्टे होटल चल रहा था। बुधवार को इसमें आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 11 विदेशी नागरिक हैं, जिनमें नौ अफ्रीकी नागरिक हैं और दो तुर्कमेनिस्तान के हैं। दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय लोगों के मुताबिक, होटल के रेस्तरां में सुबह आठ बज कर 50 मिनट पर आग लगी। जल्दी ही आग ऊपरी मंजिलों पर बने कमरों तक पहुंच गई और नीचे और बेसमेंट में आग की लपटें पहुंच गईं।

फायर सर्विस के अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि कुल 40 लोगों को बचाया गया। यह भी बताया गया है कि होटल की इमारत का फायर एनओसी नहीं था। होटल में 25 कमरे हैं, जबकि असल में मंजूरी सिर्फ छह कमरों की थी। इसका अर्थ है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस की आंखों के सामने अवैध निर्माण हुआ और अवैध तरीके से होटल चल रहा था। तभी हादसे में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए हैं और पूरी रिपोर्ट मांगी है।

बहरहाल, बेसमेंट से छह लोगों को निकाला गया और कुल 40 लोगों को बचाव टीमों ने बाहर निकाला। इनमें कई लोगों की हालत गंभीर है। आग लगने की वजह का अब तक पता नहीं चल पाया है। लेकिन स्थानीय लोगों ने बताया है कि ग्राउंड फ्लोर पर स्थित बीएनबी रेस्तरां में आग लगी, जो ऊपर तक पहुंच गई। यह होटल दिल्ली के प्रेस एन्क्लेव रोड पर है। यहीं पर मैक्स हॉस्पिटल भी है। बताया जा रहा है कि मैक्स अस्पताल में इलाज कराने आने वालों के परिजन भी इस होटल में रुका करते थे।

आग लगने के बाद निकाले गए लोगों को मैक्स अस्पताल ले जाय गया। अस्पताल के अधिकारी के मुताबिक कुल 39 लोगों को वहां लाया गया था। इनमें से 18 की पहले ही मौत हो चुकी थी। पांच लोगों को हल्की चोटें थीं। उन्हें डिस्चार्ज किया गया है, जबकि 15 लोग आईसीयू में भर्ती हैं, जिनमें से आठ वेंटिलेटर पर हैं। उनकी हालत गंभीर है। एक व्यक्ति बहुत ज्यादा झुलस गया था, उसे सफदरजंग अस्पताल भेजा गया। एम्स में 13 लोगों का इलाज हो रहा है।

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