नई दिल्ली। सोलर रेडिएशन के खतरे की आशंका से शनिवार को भारत में सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हुईं। इसका असर पूरी दुनिया में दिखा। पूरी दुनिया में एयरबस ए320 सीरीज के विमानों में सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी के चलते यात्रियों को परेशानी हुई। भारत में इस कारण से करीब साढ़े तीन सौ उड़ानों पर असर हुआ। इनमें एक से डेढ़ घंटे तक की देरी हुई। हालांकि देर शाम तक 270 के करीब विमानों को इस खतरे से बचाने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट कर दिया गया था।
असल में फ्रांस की कंपनी एयरबस के मुताबिक ए320 सीरीज के विमानों पर तेज सोलर रेडिएशन का खतरा मंडरा रहा है। यह फ्लाइट कंट्रोल डेटा खराब कर सकता है, जिससे विमानों की ऊंचाई, डायरेक्शन, कंट्रोल जैसी बेहद अहम जानकारी गलत हो सकती है। कंपनी ने इन विमानों के सॉफ्टवेयर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। ध्यान रहे भारत में इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस तीनों कंपनियां ए320 सीरीज के विमानों का संचालन करती हैं। इनके कुल 338 विमान ए320 सीरीज के हैं। इनमें से इंडिगो और एयर इंडिया के विमानों में शनिवार को परेशानी हुई।
नागरिक विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए के अनुसार, शाम तक ए320 सीरीज के 270 विमानों का सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन हो चुका था। भारत सहित दुनिया भर में छह हजार विमानों के संचालन पर असर पड़ने की खबर है। बताया गया है कि सभी प्रभावित विमानों में सॉफ्टवेयर अपग्रेडेश करने का काम 30 नवंबर को सुबह साढ़े पांच बजे तक पूरा होने की उम्मीद है।
असल में यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी यानी ईएएसए ने एक बयान में बताया कि हाल ही में अमेरिकी एयरलाइन जेटब्लू के एक ए320 विमान में पायलट के कमांड के बिना पिच डाउन की घटना हुई। 30 अक्टूबर, 2025 को कैनकन से नेवार्क के लिए उड़ान भरने के दौरान विमान अचानक नीचे की ओर झुकने लगा। ईएएसए के मुताबिक, विमान सुरक्षित तरीके से लैंड हो गया था। हालांकि, एयरबस की प्रारंभिक जांच में एक सर्विसेबल एलिवेटर एलरॉन कम्प्यूटर, ईएलएसी यानी में खराबी को इस घटना का संभावित कारण बताया गया। इसके कारण एयरबस ने सभी विमानन कंपनियों से अपने विमानों में ईएलएसी लगाने को कहा है।
