अमरावती। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बी. आर. गवई ने शनिवार को स्पष्ट किया कि वह सेवानिवृत्ति के बाद कोई भी सरकारी पद स्वीकार नहीं करेंगे और केवल परामर्श और मध्यस्थता का कार्य करेंगे। गवई अमरावती जिला एवं सत्र न्यायालय में दिवंगत टी.आर. गिल्डा मेमोरियल ई-लाइब्रेरी के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, “मैं पहले भी कई अवसरों पर कह चुका हूं कि 24 नवंबर के बाद कोई सरकारी पद नहीं स्वीकार करूंगा। मैं परामर्श और मध्यस्थता के क्षेत्र में काम करूंगा।” गवई 23 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे।
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को उन्होंने अमरावती के अपने पैतृक गांव दारापुर में पिता व पूर्व राज्यपाल (केरल और बिहार) आर. एस. गवई की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। वह परिवार के साथ अपने पिता की पुण्यतिथि पर गांव पहुंचे थे। गवई ने वहां गांव के मुख्य प्रवेश मार्ग पर बनने वाले भव्य द्वार की आधारशिला भी रखी, जिसका नाम उनके पिता के नाम पर रखा गया है। आर. एस. गवई को लोग स्नेहपूर्वक “दादासाहेब गवई” कहकर पुकारते थे।
