नई दिल्ली। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर बना सस्पेंस और गहरा गया है। बांग्लादेश की ओर से कहा गया है कि प्रधानमंत्री तारिक को भारत जाने की जल्दी नहीं है। यह बात खुद वहां के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के भारत दौरे को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है। गौरतलब है कि भारत में उनकी यात्रा की तैयारी हो रही थी। तारिक रहमान के स्वागत समारोह के रिहर्सल के लिए राष्ट्रपति भवन की ओर से रविवार का चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी रद्द करने का प्रेस बयान भी जारी हुआ था। बाद में इसे वापस ले लिया गया।
बहरहाल, बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा है कि बांग्लादेश भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है, लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। हुमायूं कबीर ने कहा कि प्रधानमंत्री के भारत दौरे का फैसला दोनों देशों के बीच बातचीत और जरूरी तैयारियों के बाद होगा। गौरतलब है कि भारत ने तारिक रहमान को दोपक्षीय दौरे के लिए आमंत्रित किया है। लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत से प्रत्यर्पण की मांग के कारण मामला अटका है।
भारत की ओर से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को 12 और 13 सितंबर को दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन के आउटरीच सेशन में शामिल होने का न्योता भी मिला है। यह दौरा भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते सुधारने के लिए अहम माना जा रहा है। हालांकि इस पर भी अभी बहुत स्पष्टता नहीं है। बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री का पहला विदेश दौरा पारंपरिक रूप से भारत का होता था। लेकिन तारिक रहमान भारत की बजाय चीन गए थे।
गौरतलब है कि 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा हुआ है। अगस्त 2024 में तख्तापलट के बाद शेख हसीना भारत आ गई थीं। बाद में मोहम्मद यूनुस की सरकार के समय उनके ऊपर कई मुकदमे चले। उन्हें ढाका की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने हत्या के लिए उकसाने और हत्या का आदेश देने के लिए मौत की सजा दी है। बाकी मामलों में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
इसे लेकर बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी दोनों देशों के बीच जारी बातचीत का हिस्सा है। भारत का कहना है कि वह बांग्लादेश के अनुरोध की कानूनी प्रक्रिया के तहत समीक्षा कर रहा है। इससे पहले पांच अगस्त को नई दिल्ली से एक वर्चुअल मीडिया कार्यक्रम में शेख हसीना ने कहा था कि वे दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी और देश को फिर से सही रास्ते पर लाने की कोशिश करेंगी।
इस बीच शनिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बिना बांग्लादेश का नाम लिए कहा, ‘कोई भी रिश्ता तभी मजबूत और सफल होता है, जब उससे दोनों पक्षों को फायदा हो’। जयशंकर ने एक मीडिया समूह के कार्यक्रम में कहा, ‘भारत यह उम्मीद नहीं करता कि पड़ोसी देश सिर्फ उसके हितों के मुताबिक काम करें। जैसे भारत दूसरे देशों के हितों का सम्मान करता है, वैसे ही उम्मीद वह दूसरे देशों से रखता है’।
