नई दिल्ली। ईरान के खिलाफ चल रही जंग रोकने के प्रयास सफल नहीं हो रहे हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने युद्धविराम का एक प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे ईरान और अमेरिका को भेजा गया था। ईरान ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसमें अस्थायी युद्धविराम का प्रस्ताव था और उस अवधि में होर्मुज की खाड़ी खोलने को कहा गया था। हालांकि यह भी बताया गया है कि अमेरिका की ओर से पाकिस्तान को इस तरह के किसी प्रस्ताव के लिए अधिकृत नहीं किया गया था।
ईरान ने कहा है कि वह अस्थायी युद्धविराम के बदले होर्मुज की खाड़ी खोलने को तैयार नहीं है। एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से बातचीत में एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान के प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही है। लेकिन साथ ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि समय सीमा का दबाव बना कर ईरान से फैसला नहीं कराया जा सकता है। अधिकारी के मुताबिक, ईरान को लगता है कि अमेरिका स्थायी सीजफायर के लिए तैयार नहीं है, इसलिए अस्थायी डील का कोई मतलब नहीं है। इस प्रस्ताव पर बात करते हुए ईरानी अधिकारियों ने पहले मिले 15 सूत्री प्रस्ताव पर भी अपनी बात रखी और कहा कि उसे किसी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता था।
मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक इससे पहले एक दूसरी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से बातचीत में पश्चिम एशिया के दो अधिकारियों ने बताया कि ईरान और अमेरिका को रविवार देर रात एक मसौदा प्रस्ताव प्राप्त हुआ, जिसमें 45 दिनों के युद्धविराम और होर्मुज की खाड़ी को फिर से खोलने की अपील की गई है। यह प्रस्ताव मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की के मध्यस्थों की ओर से आया है, जो उम्मीद कर रहे हैं कि 45 दिनों की इस अवधि में स्थायी युद्धविराम तक पहुंचने के लिए वार्ता को पर्याप्त समय मिल जाएगा। इस प्रस्ताव को ‘इस्लामाबाद अकॉर्ड’ कहा जा रहा है।
जानकार सूत्रों के हवाले से आई खबरों में कहा गया है कि यह प्रस्ताव ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और पश्चिम एशिया में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ को भेजा गया था। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान के ऊर्जा और जल संयंत्रों पर भारी हमले करके उन्हें तबाह करने की धमकी को और कड़ा करते हुए कहा कि यदि ईरान सरकार मंगलवार की तय समय सीमा तक होर्मुज कि खाड़ी को नहीं खोलती है तो अंजाम बहुत बुरा होगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरानी के साथ गाली गलौज की भाषा में पूरे देश पर कहर बरपाने की धमकी दी।
