रांची। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ झारखंड विधानसभा का घेराव करने पहुंचे छात्रों को पुलिस ने पीट कर भगाया। सोमवार को देर शाम तक पुलिस औऱ प्रदर्शनकारियों में झड़प होती रही। दिन में प्रदर्शनकारी पुलिस की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ कर विधानसभा के गेट पर पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश लेकिन जब छात्र नहीं हटे तो पुलिस ने लाठी चला कर उनको वहां से खदेड़ा।
गौरतलब है कि झारखंड लोक सेवा आयोग यानी जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी जेएसएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी और नौकरी बेचने के खिलाफ छात्र 16 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों के छह प्रतिनिधि एक हफ्ते से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सरकार से तीन दौर की बातचीत के बाद, जब कोई नतीजा नहीं निकला तो छात्रों ने सोमवार, 10 अगस्त को विधानसभा की ओर मार्च किया। इस दौरान दिन भर छात्रों के साथ पुलिस की झड़प होती रही। छात्रों के प्रदर्शन के बीच जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते को सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया।
बहरहाल, छात्रों को रोकने के लिए पुलिस को कई बार लाठीचार्ज करना पड़ा। कुछ छात्रों के सिर पर चोटें आई हैं। प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर पानी की बोतलें और चप्पलें फेंकीं। इससे पहले आंदोलनकारी छात्र सुबह 10 बजे पुरानी विधानसभा के पास जमा हुए और फिर विधानसभा के घेराव के लिए निकले। पुलिस ने रास्ते में कई जगह कंटीले तार की बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए पानी की बौछार भी की और आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
इस बीच सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते को रांची में गिरफ्तार कर लिया है। गौरतलब है कि 21 जुलाई को जेपीएससी कार्यालय में छापे के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद सीआईडी ने उनसे तीन बार पूछताछ की थी। बहरहाल, भूख हड़ताल कर रहे देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस से विधानसभा घेराव में शामिल हुए। उन्होंने कहा, ‘हमारी आगे की रणनीति सरकार के फैसले पर निर्भर करती है। यह आवाज सिर्फ देवेंद्र नाथ महतो की नहीं है। यह उन लाखों युवाओं की आवाज है, जिनका भविष्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर टिका है’।
एक अन्य छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीर नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अब सीधे मुख्यमंत्री से बात होगी। इससे पहले चार मंत्रियों सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, चामरा लिंडा और संजय यादव ने छात्रों के साथ तीन बार वार्ता की। सरकार जेपीएससी की परीक्षा रद्द करने सहित कई मांगें स्वीकार कर ली हैं। लेकिन छात्र जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा रद्द करने और परीक्षा में गड़बड़ी की सीबीआई जांच कराने पर अड़े हैं।
राहुल ने किया छात्रों का समर्थन
झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है लेकिन कांग्रेस प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग नहीं पूरी करा पा रही है। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट लिख कर छात्रों का समर्थन किया है और छात्रों के ऊपर पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया है। पहले भी उन्होंने एक वीडियो जारी करके छात्रों का समर्थन किया था। उन्होंने सोमवार को कहा कि दिल्ली हो या झारखंड छात्रों पर उनका स्टैंड एक जैसा है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘झारखंड में विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग गलत है। छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है। झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करना चाहिए’।
