नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस से नाराज चल रहीं सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने अपनी ही पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ चिट्ठी लिखी है और उनके ऊपर कार्रवाई करने की मांग की है। पश्चिम बंगाल की बारासात सीट से तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष ने गुरुवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिख कर अपनी पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ संसद के अंदर बदतमीजी करने और गाली गलौज करने की शिकायत दर्ज कराई है।
काकोली घोष ने चिट्ठी में लिखा, ‘मैं आपसे औपचारिक शिकायत दर्ज करने की अनुमति चाहती हूं। कल्याण बनर्जी ने कई बार लोकसभा के अंदर मुझे मौखिक रूप से अपमानित किया है। उनका यह व्यवहार कई अन्य महिला सांसदों के खिलाफ रहा है। इसके लिए उन्हें दंडित किया जाना चाहिए’। दूसरी ओर कल्याण बनर्जी ने काकोली के आरोपों को निराधार बताया है। गौरतलब है कि कल्याण बनर्जी को हटा कर काकोली घोष को लोकसभा में पार्टी का सचेतक बनाया गया था। लेकिन बाद में फिर उनकी जगह कल्याण बनर्जी को सचेतक बना दिया गया।
इस बीच काकोली घोष ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजी चिट्ठी में लिखा है, ‘मानसिक संघर्ष और लंबे चिंतन के बाद यह फैसला किया है’। हालांकि, उन्होंने यह भी लिखा है कि वे आम कार्यकर्ता की तरह पार्टी से जुड़ी रहेंगी। इससे पहले काकोली घोष पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में शामिल हुई थीं। बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें बैठक में जाने से मना किया था।
बहरहाल, काकोली घोष के आरापों पर कल्याण बनर्जी ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि वे किसी खास उद्देश्य से काम कर रही हैं, जिससे मुझे संदेह होता है। जहां तक लगाए जा रहे आरोपों का सवाल है, असली मुद्दा यह है कि किसने क्या कहा और कब कहा। समस्या उनकी मंशा में है’। उन्होंने कहा कि संसद के अंदर हुई किसी भी घटना की तुरंत स्पीकार से शिकायत की जा सकती है।
