नई दिल्ली। छात्रों से संवाद और राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद अब कांग्रेस पार्टी जाति जनगणना को लेकर सक्रिय हो गई है। कांग्रेस ने आजादी के बाद हो रही पहली जाति जनगणना में अन्य पिछड़ी जाति यानी ओबीसी की श्रेणी शामिल नहीं किए जाने का सवाल उठाया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। दोनों नेताओं ने जाति जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले अन्य सवालों को लेकर भी चिंता जताई है।
खड़गे और राहुल ने जाति जनगणना में जातियों के नाम दर्ज करने और आंकड़े जुटाने के तरीके का विरोध किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिख कर जनगणना में पूछे जाने वाले सवाल बदलने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इसे बनाने से पहले राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और जनता से सलाह ली जानी चाहिए। जनगणना के सवालों में ओबीसी वर्ग का जिक्र नहीं होने पर आपत्ति जताते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि इससे देश में ओबीसी आबादी का सही आंकड़ा सामने आने में परेशानी हो सकती है। खड़गे और राहुल ने प्रधानमंत्री से तेलंगाना और बिहार जैसी गणना की प्रक्रिया अपनाने की मांग की है।
प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी में खड़गे और राहुल ने लिखा है, ‘जाति का नाम पूछने के लिए सवाल रखने से एक ही जाति अलग अलग नामों या उपजातियों के नाम से दर्ज हो सकती है। इससे जातियों की सही संख्या पता करना और आंकड़ों की तुलना करना मुश्किल होगा। अगर एक ही जाति कई नामों से दर्ज हुई तो उसकी आबादी का आंकड़ा गलत हो सकता है। इसका असर पिछड़े, अति पिछड़े और अन्य वंचित समुदायों के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं पर पड़ेगा’।
दोनों नेताओं ने लिखा है कि जातियों की पहचान और संख्या दर्ज करने की प्रक्रिया एक जैसी होनी चाहिए, ताकि देश में सामाजिक व आर्थिक स्थिति का सही आंकड़ा मिल सके। जातियों के नाम दर्ज करने के लिए तय सूची या ड्रॉप डाउन विकल्प यानी पहले से तैयार एक सूची देने की मांग की है। इसमें सरकारी जाति सूचियों और भारतीय मानवशास्त्र सर्वेक्षण के आधार पर नाम शामिल किए जा सकते हैं। तेलंगाना और बिहार के जाति सर्वेक्षणों में भी ऐसी सूचियों का इस्तेमाल किया गया था।
गौरतलब है कि 14 अगस्त को जनगणना 2027 में पूछे जाने वाले 40 सवालों की सूची जारी की गई थी। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की सूची तो दी गई है लेकिन ओबीसी का न तो वर्ग शामिल किया गया है और न जातियों के नाम दिए गए हैं। इस बार की जाति जनगणना की खास बात यह है कि लोगों से यह भी पूछा जाएगा कि उन्होंने कोविड वैक्सीन कहां लगवाई थी। इसके साथ ही लोगों से मोबाइल नंबर, आधार, वोटर आईडी और बैंक अकाउंट से जुड़े सवाल भी होंगे।
