नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने भोजशाला के पास ही उससे सटी हुई जमीन नमाज के लिए मुस्लिम समाज को दी है। वहां हर शुक्रवार दोपहर एक बजे से तीन बजे तक नमाज पढ़ी जा सकेगी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस भूखंड तक पहुंचने के लिए अलग रास्ता है और यह विवादित भोजशाला परिसर के बिल्कुल पास है। इसलिए यह नमाज के लिए उपयुक्त स्थान है।
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को वहां जरूरी व्यवस्थाएं करने के आदेश दिए हैं। असल में अदालत के पिछले आदेश के बाद प्रशासन ने भोजशाला से करीब दो किलोमीटर दूर जगह तय की थी, जहां मुस्लिमों ने नमाज से मना कर दिया था। इसके बाद याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने नक्शे में दिखाई गई ‘यलो साइट’ पर ध्यान दिलाया। कोर्ट ने कहा कि इस जगह तक अलग और स्वतंत्र रास्ता है। यह विवादित परिसर से सटी हुई है। मुस्लिम पक्ष ने भी इसी जगह पर सहमति जताई। इसके बाद कोर्ट ने इसी जगह को नमाज के लिए उपयुक्त माना।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक शुक्रवार की नमाज केवल इसी जगह पर अदा की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई पांच अगस्त को होगी। सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा, धार्मिक अधिकार मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य का संवैधानिक दायित्व है। सिर्फ कानून व्यवस्था की आशंका के आधार पर लोगों के धार्मिक अधिकार नहीं रोके जा सकते।
