वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अपने चुनाव क्षेत्र वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच दोपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें कई समझौतों पर दस्तखत किए गए। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘भारत और मॉरीशस पार्टनर नहीं, परिवार हैं। यह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक मिलन है’। मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने भारत में मिले आतिथ्य की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘भारत मॉरीशस की प्रगति और विकास की यात्रा में हमेशा साथ रहा है। वाराणसी पहुंचने पर मुझे और मेरी पत्नी को मिले स्वागत से हम आश्चर्यचकित रह गए’।
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी पुलिस लाइन से तीन किलोमीटर लंबा रोड शो करके होटल ताज पहुंचे। प्रधानमंत्री की इस यात्रा से एक दिन पहले बुधवार, 10 सितंबर को देर रात उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय सहित कांग्रेस व सपा के करीब दो सौ नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया। मोदी का यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने कथित वोट चोरी को लेकर वाराणसी में प्रदर्शन का ऐलान किया था।
बहरहाल, दोपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘भारत के आईआईटी मद्रास और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ प्लांटेशन मैनेजमेंट ने यूनिवर्सिटी ऑफ मॉरीशस के साथ समझौते हुए हैं। ये समझौते रिसर्च, शिक्षा और इनोवेशन में आपसी साझेदारी को नई पायदान पर ले जाएंगे’। उन्होंने कहा, ‘फ्री, ओपेन, सेक्योर, स्थिर और समृद्ध हिंद महासागर हमारी साझा प्राथमिकता है। इस संदर्भ में मॉरीशस के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन की सुरक्षा और मैरीटाइम कैपेसिटी को मजबूत करने के लिए भारत पूरी तरह प्रतिबद्ध है’।
वार्ता के बाद मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉक्टर रामगुलाम ने कहा, ‘यह भारत की मेरी चौथी आधिकारिक यात्रा है। भारत मॉरीशस की प्रगति और विकास की यात्रा में हमेशा साथ रहा है। हमने राष्ट्रीय विकास के प्रमुख क्षेत्रों में भारत की उदार सहायता और विशेषज्ञता का लाभ उठाया है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और समुद्री सुरक्षा शामिल हैं, लेकिन इन्हीं तक सीमित नहीं’।
