नई दिल्ली। सऊदी अरब के ऊपर हूती विद्रोहियों की ओर से लगातार हो रहे हमलों के बीच भारत ने वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालने के उपाय शुरू कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि सऊदी अरब में फंसे भारतीय तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए रियाद में भारतीय दूतावास और जेद्दा में वाणिज्य दूतावास लगातार काम कर रहा है। उसने संबंधित विमानन कंपनियों और टूर ऑपरेटरों से संपर्क किया है।
दम्मम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत के बाद नई दिल्ली में बताया गया कि विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन वहां फंसे नागरिकों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि पिछले एक हफ्ते के भीतर सऊदी अरब में फंसे करीब तीन हजार उमराह तीर्थयात्री उपलब्ध उड़ानों के जरिए सकुशल भारत लौट आए हैं।
रणधीर जायसवाल ने यह भी भरोसा दिलाया कि जो तीर्थयात्री अभी भी वहां फंसे हुए हैं, उनकी सुरक्षित और जल्दी वापसी के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इससे पहले, एमआईएम के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से इस मामले में दखल देने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि भारत से गए करीब चार हजार तीर्थयात्री मक्का और मदीना में फंसे हुए हैं क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा हालात को देखते हुए एयरलाइनों ने सऊदी अरब के शहरों के लिए अपनी उड़ानें रोक दी हैं। इसके बाद भारत ने उनको वहां से निकालने के उपाय तेज कर दिए।
