श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के खिलाफ उनकी पार्टी के विधायकों ने बगावत का ऐलान कर दिया है। मंत्रिमंडल में हुई फेरबदल के बाद पार्टी के कई विधायक एक साथ आए हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोला है। बताया जा रहा है कि सीएम से नाराज विधायकों की संख्या 24 है। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों की संख्या 41 है। कांग्रेस, लेफ्ट व अन्य को मिला कर कुल संख्या 54 बनती है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अपने 41 विधायकों में से 24 बगावती तेवर दिखा रहे हैं। इनमें से 18 विधायकों ने शुक्रवार को श्रीनगर में लोलाब विधायक कैसर जमशेद लोन के घर बैठक की, जबकि छह विधायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसमें शामिल हुए। विधायकों ने मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर सोगामी और 27 अक्टूबर को कैबिनेट विस्तार में बने चार नए मंत्रियों को हटाने की मांग की। वे मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं।
बैठक में विधायकों ने चार सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल बनाने का फैसला किया। इसकी अगुआई पार्टी के वरिष्ठ नेता और गुरेज के विधायक नजीर अहमद गुरेजी तथा थानामंडी विधायक मुजफ्फर इकबाल खान करेंगे। प्रतिनिधिमंडल पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिलकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेगा। बैठक में फैसला किया गया है कि ज्ञापन देने के बाद जवाब का इंतजार किया जाएगा और उसके बाद आगे की रणनीति तय होगी।
हालांकि बैठक में शामिल विधायकों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ने की शपथ भी ली। लेकिन इतना सब कुछ होने के बाद भी प्रतिनिधिमंडल के नेता चुने गए नजीर अहमद गुरेजी ने बैठक को सामान्य मुलाकात बताया। उन्होंने कहा कि कैसर जमशेद लोन ने दोपहर के भोजन पर बुलाया था और इसे राजनीतिक बैठक नहीं माना जाना चाहिए।
