नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट हटाने के मामले में मेटा ने माफी मांगी है। केंद्र सरकार की ओर से दिए गए अल्टीमेटम पर कंपनी झुकी और उसके सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने सरकार से माफी मांगी। इतना ही नहीं कंपनी ने यह भी माना कि उसके प्लेटफॉर्म पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल, डीपफेक और कंटेंट मॉडरेशन से जुड़ी चूक हुई हैं। उसने इसके लिए भी माफी मांगी।
सरकार की ओर से अल्टीमेटम देने के बाद बुधवार को मेटा ग्लोबल अफेयर्स के प्रमुख जोएल कैपलन के नेतृत्व में उसकी एक ग्लोबल टीम केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और आईटी सचिव एस कृष्णन से मिली। गौरतलब है कि फेसबुक ने प्रधानमंत्री मोदी की एक पोस्ट हटा दी थी। सरकार वीडियो फेसबुक से हटाने से भी नाराज थी। इसलिए उसने समन जारी किया और ग्लोबल हेड को माफी मांगने के लिए कहा।
असल में मोदी ने 23 जुलाई को यह वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने पेपर लीक को बड़ी समस्या बताया था। साथ ही ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की भी बात कही थी। यह वीडियो कुछ समय के लिए फेसबुक से हटा दिया गया था। बाद में मेटा ने इसे फिर से फेसबुक पर डाल दिया। बहरहाल, बुधवार की बैठक में मेटा ने स्वीकार किया कि कुछ खास तरह के कंटेंट को प्रमोट करने के लिए बड़ी रकम खर्च की गई। इस वजह से प्लेटफॉर्म पर अवैध कंटेंट भी प्रमोट हुआ।
बुधवार को हुई बैठक में सरकार ने फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा से सीएसएएम, डीपफेक, वेरिफाइड अकाउंट्स की सुरक्षा, एल्गोरिद्मिक पक्षपात और भारतीय कानूनों के पालन को लेकर भी जवाब मांगा। जानकार सूत्रों के मुताबिक इन मुद्दों पर आगे भी मेटा के अधिकारियों को फिर बुलाया जाएगा।
