Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

मंत्रियों के साथ मोदी की बैठक

नई दिल्ली। अपनी तीसरी सरकार के दो साल पूरे होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों के साथ बड़ी बैठक की। मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय में गुरुवार की शाम को यह बैठक हुई। गौरतलब है कि एक दिन पहले 20 मई को प्रधानमंत्री मोदी पांच देशों की यात्रा पूरी करके लौटे हैं। उनके विदेश दौरे पर जाने से पहले ही इस बैठक की घोषणा कर दी गई थी।

प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में हुई मंत्रिपरिषद की यह बैठक इस साल की पहली बैठक थी। प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी अध्यक्षता की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ सभी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में शामिल हुए। बताया जा रहा है कि सरकार के दो साल के कामकाज की समीक्षा के साथ साथ नरेंद्र मोदी के बतौर प्रधानमंत्री 12 साल की उपलब्धियों को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई।

बैठक गुरुवार की शाम साढ़े चार बजे के करीब शुरू हुई, जो रात नौ बजे के बाद तक चली। इसमें केंद्र सरकार की नीतियों पर अमल और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की। कई विभागों के मंत्रियों ने अपने कामकाज का प्रेजेंटेशन दिया। यह भी बताया जा रहा है कि कामकाज की समीक्षा के आधार पर मंत्रिपरिषद में फेरबदल होगी।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी तीसरी सरकार के गठन के बाद इसमें कोई बदलाव नहीं किया है। अगले महीने नौ जून को सरकार के दो साल पूरे हो रहे हैं। उसके आसपास सरकार में फेरबदल की चर्चा है। जानकार सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम का गठन भी होना है। मोदी की पिछली तीन सरकारों से मंत्री बन रहे कुछ नेताओं को संगठन के कामकाज के लिए भेजे जाने की भी चर्चा है।

बताया जा रहा है कि बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, मुख्य फैसलों, उनके नतीजों और आने वाले दिनों में मंत्रालयों की प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। सभी मंत्रालयों ने पहले ही कैबिनेट सचिवालय को पिछले दो साल के सुधार उपायों और मंत्रालय के कामकाज का ब्योरा सौंप दिया था। हर मंत्रालय ने पिछले 12 साल के कामकाज का ब्योरा दिया था। करीब पांच घंटे तक चली इस बैठक में सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बताया जा रहा है कि बैठक में आर्थिक संकट के बारे में भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों को सादगी से रहने और खर्च कम करने को कहा। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से तेल की आपूर्ति प्रभावित है और इससे सभी उत्पादों की कीमतें बढ़ रही हैं। रुपए की कीमत गिर रही है और भारत का आयात बिल बढ़ रहा है। उर्वरक की आपूर्ति प्रभावित होने और सुपर अल नीनो के असर से फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है।

Exit mobile version