नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान होने वाली एनडीए सांसदों की साप्ताहिक मीटिंग यानी ‘मंगल मिलन’ से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए के सांसदों से अलग से भी मिल रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने एनडीए के 45 नए लोकसभा सांसदों के साथ प्रधानमंत्री आवास पर ब्रेकफास्ट मीटिंग की। इनमें तृणमूल कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट के दलबदलू सांसद भी थे। गौरतलब है कि ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल छोड़ कर 20 सांसद नेशनल सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हो गए थे। वहीं उद्धव ठाकरे की शिव सेना के छह सासंद भी एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं।
बहरहाल, बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को जिन सांसदों से मुलाकात की उनसे कहा कि एनडीए एक परिवार है। बताया जा रहा है कि मोदी ने कहा, ‘हम सहयोगी दलों के साथ हैं। हर व्यक्ति का सम्मान किया जाएगा। मैं एनडीए के हर सांसद के साथ खड़ा हूं। आपको किसी के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है’। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि, ‘संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर है। यहां चर्चा होनी चाहिए और कार्यवाही सुचारु रूप से चलनी चाहिए। लगातार हंगामे की वजह से नए सांसदों को बोलने का मौका नहीं मिल रहा, जो उनके साथ अन्याय है’।
मोदी ने सांसदों को नसीहत देते हुए कहा कि नए सांसद इतिहास पढ़ें और तैयारी के साथ बहस करें। उन्होंने सांसदों से कहा कि वे अपने राज्य व क्षेत्र के विकास पर ध्यान दें। मोदी ने सांसदों से कहा कि अपने क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए वे सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय यानी पीएमए से संपर्क कर सकते हैं।
