नई दिल्ली। टाट समूह से दिग्गजों की विदाई का सिलसिला जारी है। टाटा ट्रस्ट से विजय सिंह के इस्तीफे के एक दिन बाद अब टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बुधवार, 12 अगस्त को इस्तीफा दिया। गौरतलब है कि 18 अगस्त को टाटा संस की एजीएम की बैठक होने वाली है। उससे ठीक पहले चंद्रशेखरन ने इस्तीफा दिया है। हालांकि, वे फरवरी 2027 तक पद पर बने रहेंगे।
बताया जा रहा है कि चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर टाटा ट्रस्ट्स के साथ सहमति नहीं बन पाई थी। नए कारोबारों में भारी निवेश, उनके प्रदर्शन और टाटा संस के भविष्य को लेकर मतभेद के कारण उनके नाम पर सहमति नहीं बनी। बुधवार को चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर के बाद टाटा समूह की कुछ सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में गिरावट हुई। टीसीएस, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टाटा कंज्यूमर के शेयर तीन फीसदी तक नीचे गिरे।
चंद्रशेखरन ने अपने इस्तीफे में कहा है, ‘टाटा संस के चेयरमैन के रूप में मेरा मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म हो रहा है। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके मेरे अगले पांच साल के कार्यकाल के विस्तार की सिफारिश की थी। इसे टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी और बोर्ड ने दर्ज किया था और आगे बढ़ाने की सिफारिश की थी’। उन्होंने आगे लिखा ‘इसके बाद, यह प्रस्ताव 24 फरवरी 2026 को टाटा संस बोर्ड के सामने रखा गया था। हालांकि, यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका क्योंकि बोर्ड के एक सदस्य ने इसका समर्थन नहीं किया। सर्वसम्मत समर्थन न मिलने की वजह से मैंने इस फैसले को टालने का विकल्प चुना’।
चंद्रशेखरन ने इस्तीफे में बताया है, ‘उस बोर्ड मीटिंग को हुए छह महीने बीत चुके हैं और आज तक कोई फैसला नहीं हो पाया है। टाटा संस एक बहुत बड़ा संस्थान है और कई बड़े रणनीतिक प्रोजेक्ट्स अभी अहम मोड़ पर हैं। फरवरी 2027 के बाद ग्रुप की अगुआई करने के लिए न सिर्फ एक लीडर का होना जरूरी है, बल्कि कर्मचारियों, निवेशकों, पार्टनर्स और बाकी स्टेकहोल्डर्स के लिए लीडरशिप को लेकर स्पष्टता होना भी बहुत जरूरी है’।
