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एनसीपी पर कब्जे की जंग

ByNI Desk,
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मुंबई। अपने चाचा शरद पवार और उनकी बनाई पार्टी एनसीपी से अजित पवार की बगावत के एक दिन पार्टी पर कब्जे की जंग शुरू हो गई है। शरद पवार ने अपने बेहद करीबी रहे पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे को एनसीपी से निकाल दिया है। दोनों की प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी गई है। दूसरी ओर अजित पवार ने सोमवार को भाजपा नेता और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के साथ बैठक की और अपनी नई टीम का ऐलान किया। उन्होंने सुनील तटकरे को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है।

गौरतलब है कि अजित पवार ने रविवार को बगावत की थी और राज्य की भाजपा-शिव सेना सरकार में उप मुख्यमंत्री बन गए थे। उनके साथ एनससीपी के आठ और विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इसके एक दिन बाद सोमवार को शरद पवार की बेटी और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए चिट्‌ठी लिखी थी। इसके बाद ही शरद पवार ने दोनों पर कार्रवाई की और उन्हें पार्टी से निकाल दिया। गौरतलब है कि रविवार को पार्टी विधायकों की बगावत के बाद एनसीपी ने बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए स्पीकर के पास आवेदन दिया है।

बहरहाल, शरद पवार की ओर से कार्रवाई के तुरंत बाद अजित पवार ने सुनील तटकरे को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। इसके बाद प्रफुल्ल पटेल ने प्रेस कांफ्रेंस की और एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष पद से जयंत पाटिल को हटा दिया। अजित पवार गुट के नेता प्रफुल्ल पटेल ने इसके साथ ही एनसीपी पर दावा किया और कहा कि बतौर प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ही अब महाराष्ट्र में नियुक्ति करेंगे। किसी भी विधायक को अयोग्य ठहराने का फैसला पार्टी या फिर चुनाव आयोग नहीं कर सकता। यह काम सिर्फ विधानसभा स्पीकर कर सकता है।

प्रफुल्ल पटेल ने सोमवार की प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि शरद पवार के फैसले एनसीपी के फैसले नहीं है। उन पर गौर नहीं किया जाएगा। पटेल ने कहा- अजित पवार एनसीपी विधायक दल के नेता रहेंगे। उन्हें आधिकारिक तौर पर चुना गया है। शरद पवार के लिए प्रफुल्ल पटेल ने कहा- हम उनसे हाथ जोड़कर अनुरोध करते हैं कि वे हमें अपना आशीर्वाद दें, क्योंकि वे हमारे गुरु हैं।

एनसीपी में बगावत के बीच शरद पवार ने सोमवार को सातारा के कराड में अपने गुरु पूर्व मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण की समाधि पर श्रद्धांजलि दी और नई शुरुआत का संकल्प किया। इस मौके पर पार्टी ने अजित पवार के साथ गए सभी विधायकों को अयोग्य घोषित करने का प्रस्ताव पास किया। अजित पवार और आठ अन्य विधायकों की बगावत के बाद एनसीपी ने सभी बागियों को अयोग्य करने के लिए विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर और चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि पार्टी की कमान शरद पवार के पास है। अजित पवार की पार्टी पर दावे से जुड़ी कोई भी अपील पर कार्रवाई करने से पहले उनके पक्ष को भी सुनें।

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