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परीक्षा सुधार पर सुझाव देंगे नीलेकणी

नई दिल्ली। भारत में आधार क्रांति के सूत्रधार रहे इंफोसिस के सह संस्थापक नंदन नीलेकणी परीक्षा में सुधार के लिए जरूरी सुझाव केंद्र सरकार को देंगे। केंद्र सरकार ने उनकी अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके इसकी जानकारी दी है। पिछले चार दिन में प्रधानमंत्री का इंस्टाग्राम पर यह तीसरा वीडियो है, जिसमें उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा में अन्य गड़बड़ियों को ठीक करने के उपायों की बात की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को शाम सात बजे के करीब इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया। इसमें भी उन्होंने इंस्टाग्राम के युवा यूजर्स को फ्रेंड्स कह कर संबोधित किया है और बताया कि सरकार पेपर लीक पर कठोर कानून का बिल सोमवार को ही संसद में पेश करेगी। उन्होंने कहा है, ‘फ्रेंड्स स्टूडेंट के भविष्य के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। जिन लोगों ने स्टूडेंट के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। वे जेलों में सड़ रहे हैं। हमने फास्ट ट्रैक कोर्ट बना दिए हैं। हम कल संसद में कठोर सजा के साथ प्रावधान ला रहे हैं’।

इसके आगे प्रधानमंत्री ने शिक्षा व परीक्षा की व्यवस्था में सुधार के कदम उठाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘लेकिन हमें भविष्य के बारे में भी सोचना है। हमारी परीक्षा सिस्टम विश्वस्त हो, इसमें सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी का उपयोग हो। नंदन नीलेकणी जी के नेतृत्व में एक हाईपावर टॉस्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया है। जो एग्जॉनेशन रिफॉर्म की तरफ फोकस करेगा’।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार, 23 जुलाई की रात 12 बजे इंस्टाग्राम पर करीब तीन मिनट का एक वीडियो मैसेज पोस्ट किया था। जिसमें मोदी ने पेपर लीक को पाप बताया था और कहा था कि यह छात्रों के साथ साथ उनके माता, पिता के लिए भी पीड़ादायक है। उन्होंने बताया कि पेपर लीक के बाद उनकी सरकार ने छात्रों का एक साल बरबाद नहीं होने दिया। बाद में शुक्रवार, 24 जुलाई की रात को भी उन्होंने एक पोस्ट डाली, जिसमें छात्रों और युवाओं को उनकी पहली वीडियो पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने के लिए उनका धन्यवाद दिया। अब फिर उन्होंने रविवार को एक वीडियो पोस्ट किया है। गौरतलब है कि पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों की सारी मांगें सरकार ने मान ली हैं और उनका आंदोलन खत्म हो गया है। फिर भी प्रधानमंत्री युवाओं से सोशल मीडिया के जरिए कनेक्शन बनाए रखना चाहते हैं।

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