नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को राहत नहीं दी है। वे भड़काऊ भाषण से जुड़े एक मामले में वर्चुअल तरीके से कोलकाता पुलिस के सामने पेश होना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वे राजनीति में आई हैं तो उनको लोगों के विरोध से घबराना नहीं चाहिए। उनकी याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा, ‘राजनीति में आने के बाद अंडे फेंके जाने से क्यों डरती हैं, जबकि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां तक झेली थीं’।
असल में महुआ मोइत्रा ने हेट स्पीच मामले में पुलिस के सामने पेश होने के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। महुआ का तर्क था कि पिछली बार अपने चुनाव क्षेत्र के थाने जाने पर उन्हें धमकी दी गई और उन पर अंडे फेंके गए थे। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान देने की अनुमति मांगी थी, लेकिन जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने इसमें दखल देने से इनकार कर दिया। इसके बाद महुआ ने याचिका वापस ले ली।
