नई दिल्ली। उद्धव ठाकरे की शिव सेना में टूट अब लगभग तय हो गई है। गुरुवार को पार्टी की एक बैठक बुलाई गई थी, जिसमें लोकसभा के सिर्फ तीन सांसद शामिल हुए। राज्यसभा सांसद संजय राउत बैठक में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि बैठक में नहीं शामिल होने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्पीकर को लिखा जाएगा। इससे पहले बैठक में शामिल नहीं होने वाले छह लोकसभा सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
दूसरी ओर, बागी नेताओं ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिव सेना में अपने गुट के विलय की प्रक्रिया को औपचारिक रूप देना शुरू कर दिया है। बहरहाल, गुरुवार की बैठक में लोकसभा सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे के साथ राज्यसभा सांसद संजय राउत मौजूद थे। गैरहाजिर रहे छह लोकसभा सांसदों के खिलाफ अनुशासन हीनता की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकार सूत्रों के मुताबिक, सभी छह बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की है और एक पत्र सौंपा है। इस पत्र में कहा गया है कि शिवसेना यूबीटी बाला साहेब ठाकरे की विचारधारा से भटक गई है। खबरों के मुताबिक, सांसदों ने स्पीकर को बताया कि वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिव सेना में शामिल हो रहे हैं और अनुरोध किया कि लोकसभा में उनके बैठने की व्यवस्था उसी के अनुसार बदल दी जाए।
