नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर और सीमा पार के आतंकवाद पर भारत का रुख दुनिया को बताने के लिए सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है, जिनमें से तीन की अध्यक्षता विपक्षी पार्टियों को दी गई है और दो की अध्यक्षता भाजपा के सहयोगी दलों को दी गई है। दो की अध्यक्षता भाजपा के नेता करेंगे। भाजपा की ओर से रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा को दो कमेटियों का नेतृत्व दिया गया है।
देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को एक डेलिगेशन की अध्यक्षता मिली है। सरकार ने शशि थरूर को अध्यक्ष बनाया है, जिस पर कांग्रेस को आपत्ति है। डीएमके सांसद कनिमोझी और शरद पवार की एनसीपी की नेता सुप्रिया सुले को दो कमेटियों का नेता बनाया गया है। सहयोगी पार्टियों में बिहार की जनता दल यू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और शिव सेना के श्रीकांत शिंदे को एक एक डेलिगेशन का अध्यक्ष बनाया गया है। गौरतलब है कि बिहार में इसी साल विधानसभा का चुनाव होना है।
इन नेताओं के नेतृत्व में सातों डेलिगेशन 23 या 24 मई को भारत से रवाना होंगे और अगले 10 दिन में दुनिया के कई बड़े देशों में जाकर बताएंगे कि आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख क्या है और ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के खिलाफ क्यों और क्या कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि यह डेलिगेशन संयुक्त राष्ट्र सुरऱक्षा परिषद के स्थायी और अस्थायी सदस्य देशों का दौरा करेगा। जानकार सूत्रों के मुताबिक हर डेलिगेशन में उसके नेता सहित पांच पांच सदस्य होंगे। कांग्रेस की ओर से दिए गए चारों नामों को इसमें शामिल किया जाएगा। इनके अलावा एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी को भी किसी डेलिगेशन का हिस्सा बनाया जा सकता है।