नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलने का विवाद बढ़ता जा रहा है। पहले ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इसका विरोध किया था। अब कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसकी आलोचना की। इस बीच हॉकी इंडिया की कार्यकारी बोर्ड के प्रमुख दिलीप तिर्की ने कहा है कि फैसला उनकी जानकारी के बगैर हुआ। खड़गे ने इसे लेकर भी सवाला उठाया है। गौरतलब है कि तिर्की भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे हैं।
गौरतलब है कि हॉकी टीम की पहचान रही ब्लू जर्सी का रंग बदल कर इसे भगवा कर दिया गया है। कांग्रेस ने इसे संर्कीण राजनीति करार देते हुए हॉकी इंडिया कार्यकारी बोर्ड की जानकारी के बिना जर्सी का बदले जाने को लेकर केंद्र सरकार और संघ पर तीखा हमला भी किया। कांग्रेस का कहना है कि देश के राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में कोई जिनका योगदान नहीं रहा वे अब राष्ट्रीय प्रतीकों को बदल रहे हैं।
कांग्रेस ने टीम इंडिया के जर्सी के रंग से खिलाड़ियों तथा लोगों की जुड़ी भावनाओं को देखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग भी की है। मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को एक सोशल मीडियापोस्ट में कहा कि भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलने का फैसला केवल एक खेल संबंधी निर्णय नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं और हमारी खेल परंपरा से जुड़ा विषय है।
खड़गे ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी वर्षों से दुनिया भर में ‘मेन इन ब्लू’ और ‘द ब्लूज’, ‘द ब्लू टाइगर्स’ के नाम से पहचाने जाते रहे हैं। यह पहचान केवल जर्सी के रंग की नहीं, बल्कि भारतीय खेलों की एक विरासत है। अपने पोस्ट में आगे खड़गे ने इस बात पर भी जोर दिया कि आज यह समझना कठिन है कि इस ऐतिहासिक पहचान को बदलने की आवश्यकता आखिर क्यों महसूस की गई। प्रश्न किसी रंग का नहीं है, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया, पारदर्शिता और जनभावनाओं के सम्मान का है।
