नई दिल्ली। मंगलवार का दिन दिल्ली में एक बार फिर बड़े प्रदर्शन का दिन होगा। विपक्षी पार्टियों के सभी बड़े नेता चुनाव आयोग के मुख्यालय यानी निर्वाचन सदन की ओर मार्च करेंगे और उसका घेराव करेंगे। 30 सितंबर को हुई विपक्षी पार्टियों की बैठक में इसका फैसला किया गया था। विपक्षी गठबंधन यानी ‘इंडिया’ ब्लॉक के सांसद दिल्ली में ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकालेंगे। वे संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक करीब दो किलोमीटर पैदल जाएंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस पार्टी की तीन मांगे ऐसी हैं, जिन पर कोई समझौता नहीं होगा यानी ये नॉन नेगोशिएबल हैं। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस की पहली मांग यह है कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हो। दूसरी मांग है कि एसआईआर को रद्द किया जाए और तीसरी मांग है कि बैलट पेपर से चुनाव कराया जाए। खड़गे ने कहा कि देश भर में कांग्रेस कार्यकर्ता और ‘इंडिया’ ब्लॉक के साथी दल इन तीन मुद्दों को लेकर सड़कों पर हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले 11 अगस्त 2025 को विपक्षी गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला था। इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार सहित 25 विपक्षी दल शामिल हुए थे। इस बार मंगलवार, छह अक्टूबर को विपक्ष की 19 पार्टियां के नेता मार्च निकालेंगे। इनके लोकसभा में 178 और राज्यसभा में 62 सांसद हैं।
