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मेट्रो, ट्रेन, इंटरनेट सेवा बहाल करने का आदेश

New Delhi, May 22 (ANI): A view of the Supreme Court of India, in New Delhi on Thursday. (ANI Photo/Rahul Singh)

नई दिल्ली। शनिवार, 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बंद करने, इंटरनेट बाधित करने और लोगों को हिरासत में लेने से जुड़ी याचिकाओं पर रविवार को छुट्टी के दिन सुप्रीम कोर्ट ने विशेष सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दिए गए अपने आदेश का पालन नहीं करके अदालत की अवमानना करने के मामले की भी सुनवाई की। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से चलनी चाहिए, इंटरनेट बाधित नहीं होना चाहिए और लोगों की आवाजाही नहीं रोकी जानी चाहिए।

शैलेंद्र मणि त्रिपाठी और मेनका गुरुस्वामी की ओर से दायर याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि नौ अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया था कि प्रदर्शन के कारण दिल्ली मेट्रो और यहां आने वाली ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक न लगाई जाए। इसके बावजूद शनिवार को कोर्ट के आदेश का उल्लंघन हुआ। इस पर कोर्ट ने दिल्ली के अधिकारियों को नोटिस जारी कर मंगलवार तक जवाब मांगा। अदालत ने पूछा है कि क्यों नहीं उनके खिलाफ अवमानना का मुकदमा चलाया गया।

इसके साथ ही रविवार की सुनवाई में कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट परिसर के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी बीएनएसएस की धारा 163 लागू होने की जानकारी देने वाला बोर्ड भी हटाने का निर्देश दिया। बेंच ने कहा कि बोर्ड हटाया जाए, ताकि नागरिकों और वकीलों को न्याय तक पहुंचने में परेशानी न हो। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि बीएनएसएस की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू क्षेत्रों से बाहर शांतिपूर्ण और बिना हथियार के प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें हिरासत में न लिया जाए।

रविवार को विशेष सुनवाई जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने की। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार और दिल्ली पुलिस का पक्ष रखा। दूसरी ओर कपिल सिब्बल, गोपाल शंकरनारायणन, मेनका गुरुस्वामी, संजय हेगड़े और शादान फरासत ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखा। केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली में इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गई हैं और सभी मेट्रो स्टेशन और ट्रेनें पूरी तरह चालू हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य पेशेवरों के कामकाज में बाधा नहीं डाली जाएगी।

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