नई दिल्ली। पांच दिन के भीतर दूसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी की गई है। मंगलवार को पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में तीन-तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। साथ ही सीएनजी की कीमत में दो रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी। इसके दो दिन बाद सीएनजी की कीमत में फिर एक रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई।
इस तरह पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद से पेट्रोल 3.87 रुपए और डीजल 3.91 रुपए महंगी हुई है, जबकि सीएनजी की कीमत तीन रुपए प्रति किलो बढ़ गई है। कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में एक बार में 934 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद दिल्ली में 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 31 सौ रुपए से ज्यादा हो गई।
बहरहाल, मंगलवार को हुई बढ़ोतरी के बाद देश के 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल एक सौ रुपए लीटर के ज्यादा के दाम पर बिक रहा है। वहीं 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में डीजल का दाम 90 रुपए लीटर से ज्यादा है। केरल व तेलंगाना में पेट्रोल की कीमत 111 रुपए लीटर से ज्यादा है, जबकि बिहार और आंध्र प्रदेश में 110 रुपए लीटर से ज्यादा दाम पर पेट्रोल बिक रहा है।
गौरतलब है कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद से खाड़ी देशों से होने वाली तेल व गैस की आपूर्ति लगभग बंद है। इसकी वजह से कच्चे तेल के दाम एक सौ डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है। भारत में चल रहे चुनावों की वजह से सरकार ने तेल की कीमतें नहीं बढ़ने दी थीं। लेकिन अब सिलसिलेवार तरीके से कीमतें बढ़ रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम और बढ़ेंगे।
पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पिछले दिनों बताया कि तेल मार्केटिंग कंपनियों को हर दिन एक हजार करोड़ रुपए का घाटा हो रहा था। तीन-तीन रुपए कीमत बढ़ाने के बावजूद रोजाना का घाटा साढ़े सात सौ करोड़ रुपए है। इसके बावजूद उन्होंने पेट्रोलियम सेक्टर को बेल आउट पैकेज देने की संभावना से इनकार किया।
