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दिल्ली-एनसीआर में फिर बढ़ा प्रदूषण, दम घोंटू हवा से हालात गंभीर

New Delhi, Oct 20 (ANI): A view of Kartavya Path, covered in smog as the Air Quality Index (AQI) deteriorates, in New Delhi on Monday. (ANI Photo/Sumit)

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 39 निगरानी स्टेशनों में से केवल 7 ही ऐसे हैं जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘खतरे के निशान’ से नीचे है, जबकि बाकी सभी स्थानों पर हवा बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई है।  

दिल्ली के प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता बेहद चिंताजनक बनी हुई है। आर.के.पुरम (335), रोहिणी (352), सोनिया विहार (350), वजीरपुर (377) और विवेक विहार (373) जैसे क्षेत्रों में एक्यूआई 300 से ऊपर दर्ज किया गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

वहीं, सिरिफोर्ट (338), शादिपुर (330) और पूसा (333) में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब है। इसी कड़ी में नोएडा की स्थिति भी बेहतर नहीं है। सेक्टर-62 में एक्यूआई 304, सेक्टर-116 में 306, और सेक्टर-125 में 299 दर्ज हुआ है। ये सभी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आते हैं। वहीं गाजियाबाद में स्थिति और भी चिंताजनक है—लोनी में एक्यूआई 344 और वसुंधरा में 358 रहा, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में है। प्रदूषण के इस स्तर का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

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विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी हवा में लंबे समय तक रहने से सांस संबंधी बीमारियां, अस्थमा, आंखों में जलन और सिरदर्द जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही, स्मॉग की वजह से विजिबिलिटी (दृश्यता) भी घट गई है। राजधानी की सड़कों पर धुंध की परत छाई हुई है जिससे सुबह और शाम के समय वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में हालात में सुधार की संभावना कम है क्योंकि हवा की गति धीमी है और तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंसे हुए हैं। सरकार और पर्यावरण विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें, कार पूल या सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें और निर्माण कार्यों में धूल नियंत्रण उपायों का पालन करें।

Pic Credit : ANI

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