भुवनेश्वर। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी डीआरडीओ ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसने बुधवार को ओडिशा तट के पास प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस दौरान एक ही लॉन्चर से बैक टू बैक दो प्रलय मिसाइलें दागी गईं। मिसाइलों की पूरी उड़ान पर नजर रखने के लिए चांदीपुर में स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज के सेंसर लगाए गए थे। रक्षा मंत्रालय की ओर से बताया गया कि परीक्षण सुबह करीब साढ़े बजे किया गया। यह सेना के उपयोग से जुड़ी जांच का हिस्सा था।
बताया गया है कि दोनों मिसाइलें तय किए गए रास्ते पर ठीक तरह से उड़ीं और सफलतापूर्वक लक्ष्य पूरे किए। रक्षा मंत्रालय ने इसे भारत की सामरिक मिसाइल क्षमता के लिए एक अहम उपलब्धि बताया है। प्रलय मिसाइल पूरी तरह स्वदेशी है और डीआरडीओ ने ही इसे बनाया है। इससे पहले डीआरडीओ ने 28 और 29 जुलाई 2025 को ओडिशा तट के पास डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप पर ही प्रलय मिसाइल के दो सफल न परीक्षण किए थे।
