पंजाब में प्रियकां गांधी वाड्रा का एक और प्रयोग फेल हो गया। कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल को वहां से हटा कर असम भेज दिया है। हालांकि यह भी बड़ा सवाल है कि असम के बरसों तक प्रभारी रहे जितेंद्र सिंह का क्या होगा? जितेंद्र सिंह को राहुल गांधी का बहुत करीबी माना जाता है। बहरहाल, भूपेश बघेल को प्रियंका गांधी वाड्रा का प्रयोग माना जाता है। उनको तमाम विवादों और टीएस सिंहदेव के साथ टकराव के दौरान बघेल को छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाए रखने में प्रियंका की भूमिका मानी जाती है। बघेल को राहुल गांधी भी पसंद करते थे लेकिन वे हमेशा प्रियंका गांधी के करीब माने गए। चुनावी राज्य पंजाब में उनको प्रभारी बनाने में भी प्रियंका की भूमिका थी। लेकिन बघेल ने पंजाब में जाकर कांग्रेस के अंदरुनी कलह को दूर करने और चुनाव के लिए सबको एकजुट करने की बजाय बघेल ने टकराव बढ़ा दिया।
इससे पहले पंजाब में प्रियंका गांधी का प्रयोग नवजोत सिंह सिद्धू थे। कहा जाता है कि प्रियंका ने उनको भाजपा से कांग्रेस में लाने में बड़ी भूमिका निभाई। उनको प्रदेश अध्यक्ष बनवाया। हालांकि 2022 में पार्टी उनके चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ी। उस समय मुख्यमंत्री रहे चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम का चेहरा बना कर चुनाव लड़ा गया था। लेकिन यह सब जानते हैं कि सिद्धू के समय कैसे पार्टी के अंदर टकराव शुरू हुआ। उसके बाद सिद्धू धीरे धीरे किनारे होते गए और अब कहा जा रहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी व पूर्व विधायक नवजोत कौर अलग होने वाले हैं। वे अलग पार्टी बनाएंगे, भाजपा के साथ जाएंगे या कुछ और करेंगे यह पता नहीं है। लेकिन सिद्धू के बाद बघेल का दूसरा प्रयोग था, प्रियंका का जो पंजाब में फेल हुआ।
