नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रही जंग में 40 दिन के बाद युद्धविराम होते ही भारत के दो मंत्री पश्चिम एशिया के दौर पर पहुंचे हैं। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी गुरुवार को कतर के दो दिन के दौरे पर पहुंचे तो विदेश मंत्री एस जयशंकर दो दिन के लिए मॉरीशस के दौरे पर गए हैं, जहां से वे संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई जाएंगे। युद्धविराम के साथ ही भारत ने तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास तेज कर दिए हैं। दोनों यात्राओं को इससे जोड़ कर देखा जा रहा है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी गुरुवार, नौ अप्रैल को दो दिन के दौरे पर कतर पहुंचे। गौरतलब है कि कतर भारत का सबसे बड़ा गैस सप्लायर है। पिछले दिनों युद्ध के दौरान ईरान के मिसाइल हमलों ने कतर के पार्स में सबसे बड़े गैस प्लांट रास लफान पर हमला कर दिया था। इस हमले में इस संयंत्र का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। खबर है कि कतर के इस प्लांट से अगले पांच साल तक 17 से 20 फीसदी कम उत्पादन होगा। तभी पुरी की कतर यात्रा को बहुत अहम माना जा रहा है। भारत की जरुरत की 40 फीसदी गैस कतर से आती है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर पहले मॉरीशस की यात्र पर गए हैं। वहां वे नौ और 10 अप्रैल को नौवें भारतीय महासागर सम्मेलन में भाग लेंगे। सम्मेलन में वे मुख्य भाषण देंगे और मॉरीशस के नेतृत्व से दोपक्षीय वार्ता भी करेंगे। इसके बाद 11 और 12 अप्रैल को जयशंकर संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई का दौरा करेंगे। ध्यान रहे यूएई भारत का महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक साझेदार है, जिसे ईरान के हमले से बड़ा नुकसान हुआ है। यूएई से भी तेल की आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चर्चा होगी।
