नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका की विजयादशमी तिहाड़ जेल में ही मनेगी। दोनों को सोमवार को जमानत नहीं मिली। सौरव और रांका को सोमवार को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, एसईएम के सामने पेश किया गया। वहां पुलिस ने दोनों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की। पुलिस की मांग पर मजिस्ट्रेट ने दोनों को दो दिन और जेल में रखने का आदेश दिया। अब उन्हें बुधवार को फिर पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। एसईएम कोर्ट ने उन्हें 14 अक्टूबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा था। दोनों को रविवार, 18 अक्टूबर को अदालत में पेश किया जाना था। लेकिन उससे पहले मजिस्ट्रेट ने कहा कि इन दोनों की रिहाई के लिए उनको धमकी भरे मैसेज मिल रहे हैं। सोमवार को भी सुनवाई में ज्यादा समय धमकी भरे मैसेज पर ही चर्चा हुई।
कॉकरोच जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई में जान बूझकर देरी की जा रही है। सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने कहा, ‘रविवार को जमानत पर सुनवाई के लिए मजिस्ट्रेट और सरकारी वकील दोपहर 12 बजे से इंतजार के बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे पहुंचे’। उनका आरोप है कि दोनों नेताओं की रिहाई पर सुनवाई करने की बजाय मजिस्ट्रेट को मिले धमकी भरे संदेश पर चर्चा की गई।
रत्ना सिंह ने सवाल उठाया कि इस तरह के मैसेज का दोनों नेताओं की जमानत से क्या संबंध है? उन्होंने कहा कि सीजेपी ने मैसेज भेजने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। सीजेपी का यह भी आरोप है कि दोनों नेताओं के जमानतदारों के दस्तावेजों की जांच में देरी की गई। उनके मुताबिक, चार जमानतदारों को साफ वजह बताए बिना खारिज कर दिया गया। जमानत के लिए बैंक की मुहर वाली फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद को दोबारा मंजूरी के लिए पेश करने पर भी पार्टी ने सवाल उठाए। उधर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि दोनों नेताओं को जेल में रखने के लिए जमानत की प्रक्रिया में देरी की जा रही है। पार्टी ने कहा कि वह दोनों की रिहाई के लिए आगे भी कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
