मुंबई। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है, ‘मुझे और नरेंद्र मोदी को धर्म ही चला रहा है’। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म पूरे ब्रह्मांड का चालक है। जब सृष्टि अस्तित्व में आई, तो उसके कामकाज को कंट्रोल करने वाले नियम धर्म बन गए। सब कुछ उसी सिद्धांत पर चलता है। संघ प्रमुख ने कहा कि भारत को अपने संतों और ऋषियों से मार्गदर्शन मिलता रहा है। जब तक ऐसा धर्म भारत को चलाएगा, वह विश्वगुरु बना रहेगा।
गौरतलब है कि मोहन भागवत राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की स्थापना के एक सौ साल पूरे होने पर देश भर में संघ प्रमुख के व्याख्यान की शृंखला चल रही है। इसी सिलसिले में मोहन भागवत रविवार को छत्रपति संभाजीनगर पहुंचे थे, जहां उन्होंने शताब्दी वर्ष को लेकर आयोजित जनसभा में धर्म को लेकर बहुत सी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि धर्म सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। प्रकृति की हर चीज का अपना कर्तव्य और अनुशासन होता है।
मोहन भागवत ने कहा, ‘कोई राज्य धर्मनिरपेक्ष हो सकता है, लेकिन कोई व्यक्ति या रचना धर्म के बिना नहीं हो सकती’। भारतीय समाज में मौजूद जातीय भेदभाव को लेकर भागवत ने कहा कि इसे खत्म करने के लिए मन से जाति को मिटाना होगा। पहले जाति काम और पेशे से जुड़ी थी, लेकिन बाद में यह भेदभाव का कारण बन गई। मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस का लक्ष्य समाज के साथ मिलकर भारत को उसके सर्वोच्च गौरव तक ले जाना है। संघ व्यक्ति के चरित्र निर्माण के जरिए राष्ट्र निर्माण करता है।
