नई दिल्ली। आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार का सिलसिला जारी है। इस साल के पहले आठ महीने में लगातार महंगाई दर में बढ़ोतरी हुई है। केंद्र सरकार ने सोमवार को अगस्त महीने का महंगाई का आंकड़ा जारी किया, जिसके मुताबिक थोक और खुदरा दोनों महंगाई दर में बढ़ोतरी हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक आलू, प्याज और अन्य सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी का असर खुदरा महंगाई पर पड़ा है। गौरतलब है कि खाने, पीने की चीजों के दाम बढ़ने से ही पिछले आठ महीने से लगातार महंगाई बढ़ रही है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त के महीने में खुदरा महंगाई बढ़ कर 4.82 फीसदी हो गई। जुलाई में यह 4.45 फीसदी थी। जुलाई में भी महंगाई की दर भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से तय की गई औसत सीमा से ऊपर रही। रिजर्व बैंक ने चार फीसदी की औसत सीमा तय की है। लगातार तीसरे महीने खुदरा महंगाई इस सीमा से ऊपर रही है। बहरहाल, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में खाने, पीने की चीजों की खुदरा महंगाई दर 5.95 फीसदी रही।
खुदरा महंगाई दर पर सबसे ज्यादा असर खाने, पीने की चीजों की कीमतों का पड़ा है। खाद्य पदार्थों की महंगाई जुलाई के 5.52 से बढ़कर अगस्त में 5.95 फीसदी हो गई। माना जा रहा है कि मानसून की कमजोरी और अनियमितता की वजह से कृषि उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे कई खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ा। आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में प्याज की महंगाई 48.27 फीसदी, लहसुन की 43.60 फीसदी और अदरक की 73.82 फीसदी।
मानसून के अलावा पश्चिम एशिया के संकट का असर भी महंगाई पर पड़ा है। होर्मुज की खाड़ी बाधित होने से कच्चा तेल महंगा हुआ है, जिससे देश में माल ढुलाई महंगी हो गई है। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत एक सौ डॉलर प्रति बैरल से ऊपर हो गई है। फरवरी के आखिरी दिन ईरान पर हुए हमले के बाद से कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।
बहरहाल, अगस्त में खुदरा महंगाई के साथ साथ थोक महंगाई में बढ़ोतरी हुई है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक थोक महंगाई बढ़ कर 9.92 फीसदी हो गई। जुलाई में यह 9.78 फीसदी थी। बताया जा रहा है कि खाने, पीने की चीजें, ईंधन, पावर और विनिर्मित उत्पाद महंगे होने की वजह से यह बढ़ोतरी दर्ज की गई। गौरतलब है कि थोक मूल्य सूचकांक में फूड इंडेक्स की हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी होती है। अगस्त 2026 में खाने, पीने की चीजों की थोक महंगाई बढ़कर 7.05 फीसदी पर पहुंच गई, जो जुलाई में 6.65 फीसदी थी।
