गुवाहाटी/नई दिल्ली। असम में विधानसभा चुनाव से दो महीने पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा किसी तरह से हिंदू और मुस्लिम का ध्रुवीकरण बढ़ाना चाहते हैं। बांग्लादेशी मुस्लिमों को मियां मुसलमान कह कर उनको प्रताड़ित करने के लिए लोगों को उकसाने के बाद उनका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से बना एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे गोल टोपी लगाए मुस्लिम दिखने वाले एक व्यक्ति पर बंदूक से निशाना लगा रहे हैं। विवाद बढ़ने के बाद भाजपा ने यह वीडियो डिलीट कर दिया।
हालांकि डिलीट होने से पहले यह वीडियो वायरल हो गया था और कांग्रेस ने इसे लेकर आपत्ति जताई है। कांग्रेस ने कई सोशल मीडिया हैंडल से इस वीडियो को शेयर किया है। इसे असम बीजेपी के सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किया गया था। कांग्रेस ने कहा है कि ये वीडियो अल्पसंख्यकों के नरसंहार को बढ़ावा देने जैसा है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के एक्स हैंडल पर दिख रहे वीडियो में नजर आ रहा है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक राइफल से निशाना साधते और दो लोगों पर गोली चलाते हुए दिख रहे थे। निशाने में दिख रही तस्वीर में एक ने टोपी पहनी थी और दूसरे की दाढ़ी थी। इसका कैप्शन पॉइंट ब्लैंक शॉट था। उसमें असम भाजपा का एक्स हैंडल भी दिख रहा था।
सुप्रिया श्रीनेत ने वीडियो शेयर करते हुए अपनी पोस्ट में लिखा, ‘यही है असली बीजेपी: सामूहिक हत्यारे। यह जहर, नफरत और हिंसा आप पर है, मिस्टर मोदी’। उन्होंने पूछा कि क्या अदालतें और अन्य संस्थाएं सो रही हैं? वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी इस मुद्दे पर भाजपा की आलोचना की। वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘एक आधिकारिक बीजेपी हैंडल ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें अल्पसंख्यकों की टारगेटेड, पॉइंट ब्लैंक हत्या दिखाई गई है’। उन्होंने कहा, ‘यह नरसंहार का आह्वान करने के अलावा और कुछ नहीं है। एक ऐसा सपना जिसे यह फासीवादी शासन दशकों से पाले हुए है’।
