कोलकाता। दुर्गापूजा पंडाल में हुए हादसे के बाद पंडालों की कई व्यवस्था में बदलाव किया गया है। वीआईपी पास की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इसकी घोषणा खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की है। गौरतलब है कि शनिवार की रात को हुए हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 19 हो गई है। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके ऊपर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
हादसे के एक दिन बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि सरकार दुर्गा पूजा पंडालों में वीआईपी गेट की व्यवस्था अनिवार्य रूप से खत्म कर सकती है। गौरतलब है कि लोकप्रिय और बड़े बजट वाले पूजा आयोजक आमतौर पर वीआईपी पंडाल विजिटर्स के लिए अलग प्रवेश की व्यवस्था करते हैं। इन रास्तों पर कम भीड़ रहती है। श्रद्धालुओं को प्रीमियम कीमत पर विशेष पास दिए जाते हैं, जिनके जरिए वे वीआईपी गेट से पंडाल में प्रवेश करते हैं।
बहरहाल, कोलकाता के दुर्गापूजा पंडाल में हुई भगदड़ के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनको पुलिस ने रविवार को स्थानीय अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस बीच कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात भगदड़ के दो वीडियो रविवार को सामने आए। 27 सेकेंड के एक वीडियो में बारिश के बीच सैकड़ों लोग दौड़ते हुए पंडाल में घुसते दिख रहे हैं। पंडाल के अंदर के एक अन्य वीडियो में संकरे रास्ते में लोगों की भारी भीड़ फंसी दिख रही है।
वहां इतनी भीड़ है कि लोग एक दूसरे से सटकर खड़े थे और दबाव के कारण हिलने डुलने तक की जगह नहीं थी। महिलाएं और बच्चे मदद के लिए चीख रहे थे। हादसे में 19 लोगों की मौत हुई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। इनमें से पांच लोग आईसीयू में भर्ती हैं। पुलिस ने पूजा कमेटी के सचिव और उपाध्यक्ष सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। उन पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है।
