नई दिल्ली। दक्षिण पश्चिम मानसून पूरे देश में पहुंच गया है और कई राज्यों में इसने रफ्तार पकड़ ली है। महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे राजधानी मुंबई सहित राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। इससे कई जगह ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं और सड़कों पर भी यातायात बंद रहा। महाराष्ट्र के अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और राजस्थान के कई हिस्सों में भी तेज बारिश हुई है।
महाराष्ट्र में पिछले तीन दिन से हो रही बारिश के कारण मुंबई से पुणे रेल रूट पर करजत, लोनावला के भोर घाट सेक्शन में दो जगह भूस्खलन हुआ। इससे तीनों रेलवे लाइनें प्रभावित हो गईं। करीब दो दर्जन ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ा। उधर, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी भूस्खलन होने से रास्ता बंद हो गया। सातारा जिले के महाबलेश्वर में वेण्णा नदी का पुल टूटने से कई पर्यटक फंस गए। कारों को क्रेन की मदद से निकाला गया।
राजधानी मुंबई में बीएमसी ने सोमवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों व कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी। मुंबई एयरपोर्ट पर करीब डेढ़ दर्जन उड़ानें रद्द हुईं। मुंबई में निजी कंपनियों के कार्यालयों के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने को कहा गया है। पुणे में भूस्खलन और तेज बहाव की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश की वजह से लोनावला में कार्ला से लोहागढ़ किले तक सड़क का एक हिस्सा पानी में डूब गया।
उधर जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में भारी बारिश के बाद भूस्खलन हुआ, जिसमें छह से सात गाड़ियां मलबे में दब गईं। मलबा हटाने का काम जारी है। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में चलती गाड़ी पर पत्थर गिरने से 14 साल की लड़की की मौत हो गई। राजस्थान के पाली जिले की अरावली पहाड़ियों में भारी बारिश के कारण बाली और देसूरी सादरी इलाकों में तेज बारिश हुई। कुछ ही देर में कई सड़कें पानी से भर गईं। उधर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तट पर छह मछुआरे लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश के लिए नौसेना और कोस्ट गार्ड का साझा सर्च ऑपरेशन दूसरे दिन भी जारी रहा।
