नई दिल्ली। शिक्षा और परीक्षा की व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 24 दिन से भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने की नई शर्त रखी है। उन्होंने बुधवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को चिट्ठी लिखी, जिसमें कहा कि बच्चों के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो। उन्होंने कहा कि अगर सरकार भरोसा दिलाए तो वे अनशन खत्म कर सकते हैं।
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की थी। दीपके ने कहा कि देश को वांगचुक की जरूरत है। हालांकि साथ ही उन्होंने कहा कि सीजेपी का शांतिपूर्ण प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि वांगचुक ने इससे पहले भूख हड़ताल खत्म करने के लिए तीन शर्त रखी थी। लेकिन यह संसद मार्च से ठीक पहले की बात है। उस समय उन्होंने कहा था कि सरकार छात्रों के प्रतिनिधियों से मिले।
बहरहाल, जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे सीजेपी को मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बुधवार को कहा, ‘हम सरकार से बातचीत करने को तैयार है, लेकिन बातचीत किसी मंत्री के घर के बजाय न्यूट्रल जगह पर होनी चाहिए’। विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘जनता की अदालत यहीं है। मंत्रियों को लोगों के बीच आना चाहिए’।
गौरतलब है कि सोमवार, 20 जुलाई को जेपी नड्डा से बातचीत के लिए सौरव दास और आशुतोष रंका उनके घर गए थे। अब सीजेपी तटस्थ जगह मुलाकात की बात कर रही है। इससे पहले अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार ने उनका समय बरबाद किया। 20 जुलाई की मीटिंग के बाद सरकार को मांग पत्र सौंप दिया गया था लेकिन उसके बाद सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। बहरहाल, सोनम वांगचुक की ओर से अनशन खत्म करने की शर्त रखे जाने के बीच सरकार की ओर से भी खबर आई है कि वह संसद में शिक्षा और नीट परीक्षा से जुड़े हर मसले पर चर्चा के लिए तैयार है।
