नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघों की बहाली और चुनाव कराने के लिए पांच छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। शनिवार को 13वें दिन भी उनकी भूख हड़ताल जारी रही। हालांकि कांग्रेस सांसदों इमरान मसूद व इमरान प्रतापगढ़ी और सपा सांसद मोहिबुल्ला नदवी के कैम्पस में जाने के बाद से मामला गरमा गया है। इस बीच जामिया कैम्पस में ‘फ्री कश्मीर’ का नारा लिखे जाने से भी विवाद बढ़ गया है।
असल में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र जामिया मिलिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन यानी जेएमआईएसयू बहाल करने और चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि जामिया की छात्र यूनियन को मार्च 2006 में भंग कर दिया गया था। इस बीच भूख हड़ताल और बढ़ते तनाव को देखते हुए यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने सभी कोर्स की कक्षाएं ऑनलाइन करने का ऐलान कर दिया है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक लागू रहेगी।
प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में शिक्षकों से ऑनलाइन क्लासेज की व्यवस्था करने को कहा गया है। साथ ही, छात्रों को जरूरी मदद देने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच छात्र संगठन आइसा ने कहा है, ‘भूख हड़ताल कर रहे छात्रों और प्रदर्शन स्थल पर हमला किया जा रहा है। यह जामिया प्रशासन का सबसे क्रूर चेहरा दिखाता है’। इस बीच यूनिवर्सिटी कैम्पस में ‘फ्री कश्मीर’ नारे वाली ग्रैफिटी को लेकर चल रहे विवाद पर भी प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बाधित करने के लिए एक नैरेटिव फैलाया जा रहा है। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की।
